अब नोएडा बनेगा और भी ज्यादा हाईटेक और सुरक्षित, सेफ सिटी परियोजना को फिर से दी गई गति, 561 जगहों पर 1949 सीसीटीवी कैमरे लगेंगे
- Shiv Kumar
- 16 May, 2026
नोएडा को और ज्यादा सुरक्षित और हाईटेक बनाने की दिशा में सेफ सिटी परियोजना को फिर से गति मिल गई है। इस प्रोजेक्ट के तहत शहर की 561 लोकेशन पर 1949 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। नोएडा प्राधिकरण अगले 10 दिनों के भीतर इसके लिए नया टेंडर जारी करेगा। इससे पहले तीन बार टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी, क्योंकि कोई भी कंपनी इसमें शामिल नहीं हुई थी। अब प्राधिकरण ने टेंडर की शर्तों को आसान बना दिया है, ताकि ज्यादा कंपनियां इसमें हिस्सा ले सकें। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद शहर की सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगी और अपराधों पर निगरानी रखना आसान हो जाएगा।
नाइट विजन और फेस डिटेक्शन से लैस होंगे कैमरे
सेफ सिटी परियोजना के तहत लगाए जाने वाले कैमरे आधुनिक तकनीक से लैस होंगे। इनमें नाइट विजन और फेस डिटेक्शन जैसी सुविधाएं होंगी, जिससे रात के समय भी गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। कैमरों की मदद से वाहनों की नंबर प्लेट और उसमें बैठे लोगों की पहचान भी स्पष्ट रूप से की जा सकेगी। इस परियोजना पर करीब 212 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिसका पूरा खर्च नोएडा प्राधिकरण उठाएगा। चयनित कंपनी कैमरे लगाने के साथ ऑप्टिकल फाइबर लाइन बिछाने, पोल लगाने और मॉनिटरिंग सिस्टम की ट्रेनिंग देने का काम भी करेगी। अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा होने में करीब 6 से 9 महीने का समय लग सकता है। इसके लिए अलग से कंट्रोल रूम भी तैयार किया जाएगा।
बाजार, स्कूल और मेट्रो स्टेशन पर रहेगी नजर
प्राधिकरण ने साफ किया है कि इन कैमरों का इस्तेमाल ट्रैफिक चालान काटने के लिए नहीं किया जाएगा। यह सिस्टम इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी एंड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ISTMS) से अलग होगा। इसका मुख्य उद्देश्य शहर की सुरक्षा बढ़ाना और अपराध नियंत्रण में मदद करना है। पुलिस विभाग की सूची के आधार पर कैमरे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगाए जाएंगे। इनमें बाजार, स्कूल, ब्लैक स्पॉट, मेट्रो स्टेशन, बस स्टैंड और मॉल के बाहर के इलाके शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, सेफ सिटी परियोजना के तहत गौतमबुद्ध नगर को दो हिस्सों में बांटा गया है, जिसमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा दोनों क्षेत्र शामिल रहेंगे। परियोजना पूरी होने के बाद शहर में निगरानी व्यवस्था काफी मजबूत होने का दावा किया जा रहा है।
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