नोएडा में सेफ सिटी परियोजना के तहत 147 स्थानों पर लगेंगे इमरजेंसी बटन, 13 थानों को मॉर्डन टेक्नोलॉजी से जोड़ा जाएगा

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नोएडा में सेफ सिटी परियोजना के तहत 147 इमरजेंसी बटन और 1949 हाईटेक कैमरे लगाए जाएंगे। परियोजना में फेस रिकॉग्निशन, नंबर प्लेट ट्रैकिंग और पब्लिक एड्रेस सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी।

नोएडा। शहर में महिला और आम लोगों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए सेफ सिटी परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस परियोजना के तहत शहर के 147 स्थानों पर इमरजेंसी बटन लगाए जाएंगे, जिनके जरिए किसी भी आपात स्थिति में लोग सीधे नजदीकी पुलिस चौकी से संपर्क कर सकेंगे। बटन दबाते ही कंट्रोल रूम और पुलिस टीम को अलर्ट मिल जाएगा, जिससे तुरंत मदद पहुंचाई जा सकेगी। इसके साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए मौके की लाइव निगरानी भी की जाएगी। प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक यह सिस्टम एसओएस अलर्ट की तरह काम करेगा और खासतौर पर महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। परियोजना को अगले कुछ महीनों में जमीन पर उतारने की तैयारी की जा रही है।


561 संवेदनशील स्थानों पर लगेंगे हाईटेक कैमरे

सेफ सिटी परियोजना के तहत शहर के 561 संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां 1949 आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों में फेस रिकॉग्निशन, नंबर प्लेट ट्रैकिंग और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान जैसी स्मार्ट तकनीक होगी। इसके अलावा शहर के करीब 10 हजार सार्वजनिक और पुलिस कैमरों को भी एकीकृत सिस्टम से जोड़ा जाएगा, जिससे पूरे शहर की निगरानी एक ही प्लेटफॉर्म से हो सकेगी। अधिकारियों के अनुसार इस सिस्टम के जरिए अपराधियों की पहचान करने और घटनाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देने में मदद मिलेगी। परियोजना के तहत 100 स्थानों पर नंबर प्लेट डिटेक्टर कैमरे भी लगाए जाएंगे, जिससे संदिग्ध वाहनों की ट्रैकिंग आसान हो सकेगी।


13 थाने होंगे हाईटेक, पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगेगा

परियोजना के तहत शहर के 13 पुलिस थानों को भी आधुनिक तकनीकी उपकरणों से लैस किया जाएगा। साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल फॉरेंसिक से जुड़े उपकरण भी पुलिस को उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा 418 स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाया जाएगा, जिसके जरिए ट्रैफिक, मौसम और सुरक्षा से जुड़े संदेश प्रसारित किए जा सकेंगे। वहीं 20 स्थानों पर वेरीयेबल मैसेज साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। सिस्टम में ईव टीजिंग मॉनिटरिंग, चेन स्नैचिंग डिटेक्शन, भीड़ विश्लेषण और महिलाओं की मदद के लिए स्मार्ट अलर्ट जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी। प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने अधिकारियों को अगले 15 से 20 दिनों में टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

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