नोएडा में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान राइडर्स का प्रदर्शन, प्रति किलोमीटर न्यूनतम 20 रुपये भुगतान की मांग

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नोएडा में ऑनलाइन फूड डिलीवरी राइडरों ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और कम कमाई के विरोध में प्रदर्शन किया। राइडरों ने प्रति किलोमीटर न्यूनतम 20 रुपये भुगतान और बेहतर सुविधाएं देने की मांग उठाई है।

नोएडा पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और घटती कमाई से परेशान ऑनलाइन फूड डिलीवरी और राइड-शेयरिंग कंपनियों से जुड़े राइडरों ने रविवार को नोएडा के सेक्टर-22 के पास विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे राइडरों ने कंपनियों पर शोषण का आरोप लगाते हुए कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनकी कमाई वर्षों से लगभग समान बनी हुई है। राइडरों ने मांग की कि डिलीवरी और राइड के लिए न्यूनतम 20 रुपये प्रति किलोमीटर का रेट तय किया जाए। प्रदर्शन के दौरान राइडरों ने बताया कि 10 से 12 घंटे तक काम करने के बावजूद वाहन की मेंटेनेंस, पेट्रोल, चार्जिंग और परिवार का खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। उनका कहना था कि कंपनियां लगातार काम का दबाव बढ़ा रही हैं, लेकिन भुगतान में कोई बढ़ोतरी नहीं की जा रही। प्रदर्शन के चलते कुछ जगहों पर डिलीवरी सेवाएं भी प्रभावित रहीं।


सीढ़ियां चढ़कर करनी पड़ती है डिलीवरी

प्रदर्शन कर रहे राइडरों ने अपनी समस्याएं बताते हुए कहा कि कई बार उन्हें चार-चार मंजिल तक सीढ़ियां चढ़कर ऑर्डर पहुंचाना पड़ता है, लेकिन लिफ्ट इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाती। राइडरों का आरोप है कि डिलीवरी स्टोर और कई सोसायटियों में उनके साथ बदसलूकी भी की जाती है। एक राइडर ने बताया कि 5 किलोमीटर की डिलीवरी पर उन्हें सिर्फ 30 से 32 रुपये मिलते हैं, जबकि पेट्रोल और अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतनी कम रकम में परिवार चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। राइडरों ने सरकार से भी हस्तक्षेप करने की मांग की और कहा कि निजी कंपनियों को कर्मचारियों की सैलरी और डिलीवरी चार्ज बढ़ाने के लिए निर्देश दिए जाने चाहिए।


सुरक्षा और सुविधाओं की भी उठाई मांग

राइडरों ने कहा कि वे धूप, बारिश और ठंड हर मौसम में लगातार काम करते हैं, लेकिन उन्हें न तो पर्याप्त सुरक्षा मिलती है और न ही सामाजिक सुविधाएं। प्रदर्शन में शामिल कई राइडरों ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज करने में ही रोजाना सैकड़ों रुपये खर्च हो जाते हैं। इसके बावजूद उनकी आय लगातार घटती जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गिग वर्कर्स असंगठित क्षेत्र में आते हैं, इसलिए उन्हें स्थायी वेतन, बीमा या अन्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिलता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और बड़ा किया जाएगा।

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