अब किसानों को सिर्फ आश्वासन नहीं, ज़मीन पर अधिकार मिलेगा, तिरथली गांव के 589 किसानों को मिला 7 प्रतिशत आबादी भूखंड का आरक्षण पत्र
- Shiv Kumar
- 19 May, 2026
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने किसानों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए सेक्टर-29 स्थित तिरथली गांव के किसानों को 7 प्रतिशत आबादी भूखंडों के आरक्षण पत्र जारी कर दिए हैं। लंबे समय से इस प्रक्रिया का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह फैसला बड़ी राहत लेकर आया है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कार्यक्रम के दौरान किसान वीरेंद्र कुमार को स्वयं आरक्षण पत्र सौंपकर इस पहल की शुरुआत की। इसके अलावा 588 अन्य किसानों के आरक्षण पत्र भूलेख विभाग के माध्यम से डाक द्वारा भेजे गए हैं। प्राधिकरण की इस कार्रवाई के बाद गांव और आसपास के किसानों में खुशी का माहौल है। किसानों का कहना है कि लंबे समय से आबादी भूखंडों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी, लेकिन अब प्राधिकरण की ओर से प्रक्रिया आगे बढ़ने से भरोसा मजबूत हुआ है। सेक्टर-29 में विकसित हो रहे अपैरल पार्क प्रोजेक्ट के बीच किसानों को उनका अधिकार देने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अपैरल पार्क परियोजना के बीच किसानों को मिली राहत
यमुना प्राधिकरण सेक्टर-29 में बड़े स्तर पर अपैरल पार्क विकसित कर रहा है। इस परियोजना को क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इसके साथ ही प्राधिकरण ने किसानों के लंबित मामलों को प्राथमिकता देते हुए आबादी भूखंडों के आरक्षण पत्र जारी किए हैं। अधिकारियों के अनुसार कुल 589 किसानों को इस योजना का लाभ दिया गया है। कार्यक्रम के दौरान सीईओ राकेश कुमार सिंह ने कहा कि विकास परियोजनाओं के साथ किसानों के हितों का संतुलन बनाए रखना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। किसानों को केवल मुआवजा ही नहीं बल्कि विकसित भूखंड भी उपलब्ध कराए जाएंगे। प्राधिकरण ने भरोसा दिलाया है कि सेक्टर-29 में तेजी से आधारभूत सुविधाओं का विकास कर किसानों को जल्द ही भूखंडों का भौतिक कब्जा भी सौंपा जाएगा। किसानों का मानना है कि इससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत होगी।
क्या है 7 प्रतिशत आबादी भूखंड योजना
यमुना प्राधिकरण की नीति के तहत जिन किसानों की जमीन विकास परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जाती है, उन्हें मुआवजे के साथ 7 प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड देने का प्रावधान है। इस योजना का मकसद किसानों को विकास प्रक्रिया में भागीदार बनाना है ताकि भविष्य में उन्हें स्थायी आर्थिक लाभ मिल सके। इन भूखंडों का उपयोग किसान आवासीय निर्माण, व्यावसायिक गतिविधियों, किराये और निवेश के लिए कर सकते हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे औद्योगिक विकास के कारण जमीनों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में अपैरल पार्क, लॉजिस्टिक्स हब और एयरपोर्ट आधारित कारोबार के चलते सेक्टर-29 और आसपास के क्षेत्रों का महत्व और बढ़ेगा। ऐसे में किसानों को दिए जा रहे आबादी भूखंड भविष्य में बड़ी आर्थिक ताकत साबित हो सकते हैं।
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