ग्रेटर नोएडा के गाँव में किसानो का विरोध, जमीन पर कब्जा करने पहुँची यमुना प्राधिकरण के टीम को रोका, मुआवजे की माँग

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ग्रेटर नोएडा के पारसौल गांव में यमुना प्राधिकरण की टीम को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। अधिग्रहित जमीन पर कब्जा लेने पहुंची टीम को ग्रामीणों ने रोक दिया और बिना कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा।

ग्रेटर नोएडा के पारसौल गांव में मंगलवार को किसानों और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के बीच तनाव की स्थिति बन गई। प्राधिकरण की टीम अधिग्रहित भूमि पर कब्जा लेने के लिए गांव पहुंची थी, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते टीम को बिना कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा। बताया जा रहा है कि प्राधिकरण सेक्टर-18 विकसित करने की योजना के तहत जमीन पर कब्जा लेने पहुंचा था। जैसे ही किसानों को इसकी जानकारी मिली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और जेसीबी मशीनों को रोक दिया। किसानों ने साफ कहा कि जब तक उनकी लंबित मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक वे जमीन पर किसी भी तरह का काम नहीं होने देंगे। घटना के दौरान माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण बना रहा।


मुआवजा और आवासीय प्लॉट को लेकर नाराज किसान

ग्रामीणों का आरोप है कि प्राधिकरण ने उनकी जमीन का अधिग्रहण तो कर लिया, लेकिन अभी तक किसानों को मूल मुआवजा, आबादी निस्तारण और आवासीय प्लॉट जैसी सुविधाएं नहीं दी गई हैं। किसान हरपाल और रामकुमार समेत कई ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से उनकी समस्याएं लंबित हैं और कई बार अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं निकला। किसानों का कहना है कि जब तक सभी मुद्दों का निस्तारण नहीं होता, तब तक वे अपनी जमीन पर कब्जा नहीं लेने देंगे। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बिना पूर्व समाधान के प्राधिकरण की टीम जेसीबी मशीन लेकर सीधे जमीन पर पहुंच गई, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई।


पुलिस ने कराया मामला शांत

विरोध बढ़ने की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने किसानों और प्राधिकरण कर्मियों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस ने प्राधिकरण टीम से कहा कि पहले किसानों की अधिकारियों से बातचीत कराई जाए और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए। इसके बाद प्राधिकरण की टीम को बिना कब्जा लिए वापस लौटना पड़ा। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे प्राधिकरण के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

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