भीड़ रौंदती गई, हर तरफ मची थी चीख पुकार, कोई भी नहीं सुन रहा था... चश्मदीदों ने बताई स्टेशन की रूह कंपा देने वाली कहानी

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ट्रेन का एलान होते ही यात्री प्लेटफार्म नंबर 14 से 16 की तरफ भागने लगे। इससे भगदड़ मच गई।

New Delhi: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। अभी तक जो बातें सामने आई हैं, उससे तो साफ है कि महाकुंभ जाने की होड़ में भगदड़ मची थी. जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई। हादसे के दौरान रेलवे स्टेशन पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने आंखों देखा मंजर बताया, जो रूह कंपा देने वाली है। 
आंखों के सामने  सास की हुई मौत
मृतक पूनम (40) के दामाद पप्पू ने बताया कि वह सासु मां को बिहार जाने के लिए रेलवे स्टेशन छोड़ने आए थे। ट्रेन 9 बजे की थी और वे 6 बजे ही स्टेशन पहुंच गए थे। तभी रेलवे स्टेशन पर भीड़ बढ़नी शुरू हो गई। देखते-देखते काफी भीड़ हो गई और संभलने का भी मौका नहीं मिला।  भगदड़ में मेरी सास की मौत हो गई। उन्हें मगध एक्सप्रेस ट्रेन से दानापुर स्टेशन तक जाना था। महाकुंभ के लिए निकला दिल्ली के संगम विहार का एक परिवार भी भगदड़ में फंस गया था। परिवार की एक महिला ने बताया कि एक घंटे तक भीड़ में दबे रहे। ऐसा लगा कि दम घुट जाएगा। लेकिन शुक्र है कि किसी तरह जान बचा सके। 
कुछ लोग ट्रेन के आगे भी गिरे 
एक अन्य चश्मदीद ने बताया कि कई लोग गिर गए और दब गए। कुछ लोग ट्रेन के आगे गिरे। एक यात्री ने कहा, मैं एक घंटे पहले से प्लेटफॉर्म पर खड़ा था, लेकिन ट्रेन में नहीं चढ़ पाया। इतनी भीड़ थी कि टॉयलेट, सीढ़ियों पर हर जगह लोग भरे हुए थे। मदद करने के लिए प्लेटफॉर्म पर कोई नहीं था।  महिला यात्री ने बताया कि प्लेटफॉर्म पर पैर रखने की जगह भी नहीं थी। जिनके पास टिकट नहीं था वह भी ट्रेन में बैठे थे। जिनकी सीट रिजर्व थी वो बाहर खड़े थे। एक पुलिसकर्मी ने कहा कि यहां से जान बचाकर निकल जाओ। 
ट्रेनें देरी और रद्द होने से मचा भगदड़
एक पुरुष यात्री ने बताया कि वह प्रयागराज जा रहे था लेकिन कई ट्रेनें देरी से चल रही थीं या रद्द कर दी गई थीं। स्टेशन पर बहुत भीड़ थी। स्टेशन पर पहले इतनी भीड़ कभी नहीं देखी। मेरे सामने ही छह-सात महिलाओं को स्ट्रेचर पर ले जाया गया।  सूत्रों के मुताबिक, जब प्लेटफॉर्म नंबर 14 पर प्रयागराज एक्सप्रेस खड़ी थी, उस दौरान प्लेटफॉर्म पर काफी लोग इकट्ठा थे। स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस और भुवनेश्वर राजधानी भी लेट थीं। ट्रेन का एलान होते ही यात्री प्लेटफार्म नंबर 14 से 16 की तरफ भागने लगे। इससे भगदड़ मच गई। ट्रेन तक पहले पहुंचने के चक्कर में लोग एक-दूसरे को रौंदते रहे। लोग सीढ़ियों, प्लेटफार्म पर पटरियों पर भी गिर गए। कुछ लोगों के अंग भी कटे हैं। ट्रेनों के यात्री भी प्लेटफॉर्म नंबर 12, 13 और 14 पर पहुंच गए थे।

प्रति घंटे 15 सौ जनरल टिकट रेलवे बेचे
जानकारी के मुताबिक रेलवे ने हर घंटे सीएमआई के हिसाब से 1500 जनरल टिकट बेचे, इसलिए भीड़ बेकाबू हो गई। प्लेटफॉर्म नंबर-14 और प्लेटफॉर्म नंबर 16 के पास एस्केलेटर के पास भगदड़ मच गई। एक अधिकारी ने बताया कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हालत दोपहर तीन बजे से ही खराब होने शुरू हो गए थे। भीड़ में लोग हिल नहीं पा रहे थे। ये भी भगदड़ का दूसरा कारण था। 
स्टेशन पर नहीं थे पुख्ता इंतजाम
मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि भारी संख्या में लोग थे। लेकिन पुलिस और रेल प्रशासन की तरफ से भीड़ को संभालने के कोई इंतजाम नहीं थे। इक्का-दुक्का पुलिसकर्मी ही दिखाई दे रहे थे। जिसकी वजह से  लोग अपनी मनमर्जी चल रहे थे। प्लेटफार्म पर पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी होते तो शायद हादसा नहीं होता।


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