नोएडा का बॉटनिकल गार्डन बस स्टैंड होगा हाईटेक, बनेंगे 26 बस प्लेटफॉर्म, लगेगा ईवी चार्जिंग प्वाइंट

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नोएडा के बॉटनिकल गार्डन बस स्टैंड को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। 16.95 करोड़ रुपये की परियोजना में 26 बस प्लेटफॉर्म, ई-चार्जिंग स्टेशन, फूड कोर्ट और यात्री प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे।

नोएडा के सेक्टर-38ए स्थित बॉटनिकल गार्डन बस स्टैंड को अब आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण ने इस परियोजना के लिए टेंडर जारी कर दिया है। योजना के तहत बस स्टैंड पर आधुनिक पार्किंग, इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन, यात्री प्रतीक्षालय, फूड कोर्ट और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्राधिकरण लंबे समय से इस बस स्टैंड को अपग्रेड करने की तैयारी कर रहा था। करीब सवा साल पहले परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद अब इसे जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि नया बस स्टैंड यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के साथ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को भी मजबूत करेगा।


आईआईटी दिल्ली ने तैयार किया डिजाइन

बस स्टैंड का डिजाइन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट आईआईटी दिल्ली द्वारा तैयार की गई है। निर्माण कार्य के लिए प्राधिकरण ने एजेंसियों से आवेदन मांगे हैं। टेंडर जमा करने की अंतिम तारीख 1 जून शाम 5 बजे तय की गई है, जबकि 2 जून को टेंडर खोले जाएंगे। इस पूरी परियोजना पर करीब 16.95 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगस्त महीने से निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। यह आधुनिक बस स्टैंड करीब 2.85 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। यहां 26 बसों के लिए पार्किंग और प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे। यात्रियों को धूप और बारिश से बचाने के लिए प्लेटफॉर्म पर डिजाइनर शेड भी लगाए जाएंगे।


इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग सुविधा

परियोजना में इलेक्ट्रिक बसों को ध्यान में रखते हुए चार्जिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे। यहां 4 चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से एक समय में 8 बसों को चार्ज किया जा सकेगा। इसके अलावा 8 अतिरिक्त चार्जिंग प्वाइंट भी तैयार किए जाएंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, फूड कोर्ट, पुलिस चौकी और शौचालय की व्यवस्था होगी। साथ ही 8 क्योस्क और 14 ऑटो के लिए अलग ड्रॉप एरिया बनाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद परियोजना को करीब एक साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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