नोएडा में रिटायर्ड मैनेजर से 47.90 लाख की साइबर ठगी, शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का दिया झांसा
- Shiv Kumar
- 29 May, 2026
ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर एक रिटायर्ड प्रबंधक को बड़ा झांसा देकर करीब 47 लाख 90 हजार रुपये की ठगी कर ली। जालसाजों ने व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए पीड़ित को अपने जाल में फंसाया और कम समय में भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया। शुरुआत में निवेश पर अच्छा रिटर्न दिखाकर भरोसा जीत लिया गया, लेकिन जब पीड़ित ने रकम निकालने की कोशिश की तो ठगों ने टैक्स और अन्य चार्ज के नाम पर और पैसे मांगने शुरू कर दिए। इसके बाद पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। मामला सामने आने के बाद साइबर थाने में केस दर्ज कराया गया है और पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। साइबर ठगी का यह मामला एक बार फिर लोगों के लिए चेतावनी बनकर सामने आया है कि सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर आने वाले निवेश संबंधी ऑफर कितने खतरनाक हो सकते हैं।
व्हाट्सऐप ग्रुप बनाकर फंसाया गया रिटायर्ड मैनेजर
पीड़ित रूपम गुप्ता ग्रेटर नोएडा की एटीएस डोल्से सोसाइटी में रहते हैं। वह एक ऑटोमोबाइल कंपनी में प्रबंधक के पद से रिटायर हो चुके हैं और फिलहाल खिलौनों की दुकान चलाते हैं। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया कि 28 अप्रैल को उनके व्हाट्सऐप पर शेयर ट्रेडिंग से जुड़ा एक मैसेज आया था। मैसेज भेजने वाले व्यक्ति ने खुद को एक ट्रेडिंग कंपनी का कर्मचारी बताया और कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने का दावा किया। इसके बाद उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया। ग्रुप में करीब 244 सदस्य मौजूद थे और वहां लगातार निवेश से जुड़े स्क्रीनशॉट, मुनाफे के दावे और ट्रेडिंग टिप्स शेयर किए जा रहे थे। इन संदेशों को देखकर रूपम गुप्ता को लगा कि यह असली निवेश प्लेटफॉर्म है। धीरे-धीरे उनका भरोसा बढ़ता गया और उन्होंने निवेश शुरू कर दिया।
निवेश के बाद खाते में दिखाया गया तीन गुना मुनाफा
जालसाजों ने पीड़ित को अलग-अलग चरणों में निवेश करने के लिए कहा। हर बार उन्हें ज्यादा रिटर्न का लालच दिया गया। रूपम गुप्ता ने कई बार में कुल 47 लाख 90 हजार रुपये निवेश कर दिए। इसके बाद उनके ट्रेडिंग अकाउंट में रकम तीन गुना तक बढ़ी हुई दिखाई जाने लगी। इससे उन्हें भरोसा हो गया कि उनका निवेश सुरक्षित है और उन्हें अच्छा मुनाफा मिल रहा है। लेकिन जब उन्होंने पैसा निकालने की कोशिश की तो जालसाजों ने नया खेल शुरू कर दिया। उनसे कहा गया कि रकम निकालने के लिए पहले टैक्स जमा करना होगा। फिर अलग-अलग शुल्क के नाम पर लगातार पैसे मांगे जाने लगे। जब मांगें बढ़ती गईं तो उन्हें शक हुआ और बाद में ठगी का एहसास हो गया। इसके बाद उन्होंने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
साइबर पुलिस ने शुरू की जांच
मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि व्हाट्सऐप ग्रुप, बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह के पीछे कौन लोग शामिल हैं। साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे ठग सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को निवेश के झूठे सपने दिखाकर फंसाते हैं। शुरुआत में फर्जी मुनाफा दिखाकर भरोसा जीतते हैं और फिर बड़ी रकम ठग लेते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान निवेश प्लेटफॉर्म या व्हाट्सऐप ग्रुप पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच जरूर करें।
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