ट्रैफिक टीएसआई रमेश पवार ने कर दिया कमाल, स्नैचर को पकड़कर पेश की मिसाल, बदमाश को पकडते समय हाथ में आया फ्रैक्चर
- Shiv Kumar
- 03 Jun, 2026
नोएडा में ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी ने अपनी सूझबूझ और साहस से न सिर्फ यातायात व्यवस्था संभाली, बल्कि एक मोबाइल स्नैचर को भी पकड़कर पुलिसिंग की बेहतरीन मिसाल पेश की। ट्रैफिक टीएसआई रमेश पवार ने चलती बस से मोबाइल छीनकर भाग रहे एक बदमाश का पीछा किया और उसे दबोच लिया। इस दौरान उन्हें गंभीर चोट भी लगी, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उनकी बहादुरी की चर्चा पूरे पुलिस विभाग में हो रही है। घटना के बाद आरोपी को थाना सेक्टर-39 पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने भी टीएसआई की तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की है। यह घटना बताती है कि पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा के लिए किस तरह हर समय तैयार रहते हैं।
मोबाइल छीनकर भाग रहा था बदमाश
जानकारी के अनुसार, एक बदमाश चलती बस से मोबाइल फोन छीनकर फरार होने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद ट्रैफिक टीएसआई रमेश पवार की नजर उस पर पड़ गई। उन्होंने बिना समय गंवाए आरोपी का पीछा शुरू कर दिया। बदमाश भागने की कोशिश करता रहा, लेकिन टीएसआई ने लगातार उसका पीछा जारी रखा। काफी मशक्कत के बाद आरोपी को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई के दौरान आरोपी को काबू करने में संघर्ष भी हुआ, जिसमें टीएसआई रमेश पवार घायल हो गए। बावजूद इसके उन्होंने आरोपी को भागने का मौका नहीं दिया और उसे पकड़कर स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
चोट लगने के बाद भी नहीं छोड़ा पीछा
बदमाश को पकड़ने के दौरान टीएसआई रमेश पवार के हाथ में गंभीर चोट आई और उनकी उंगली में फ्रैक्चर भी हो गया। इसके बावजूद उन्होंने अपना अभियान नहीं रोका। घायल अवस्था में भी उन्होंने आरोपी को पकड़े रखा और थाना सेक्टर-39 पुलिस को सौंप दिया। उनकी इस बहादुरी की पुलिस विभाग और स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी घटनाएं पुलिस बल के मनोबल को बढ़ाने का काम करती हैं और जनता के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि को मजबूत करती हैं।
पुलिस कमिश्नर ने किया सम्मानित
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस कमिश्नर Laxmi Singh ने टीएसआई रमेश पवार की प्रशंसा की। उन्होंने उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट पुलिसिंग की सराहना करते हुए 5100 रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि ऐसे अधिकारी पूरे विभाग के लिए प्रेरणा हैं। उनकी तत्परता और बहादुरी से अपराधियों को स्पष्ट संदेश मिलता है कि कानून से बचना आसान नहीं है।
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