DND से यमुना एक्सप्रेसवे तक बनेगी सीधी सड़क, 4300 करोड़ की परियोजना से ट्रैफिक को मिलेगी बड़ी राहत

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DND से यमुना एक्सप्रेसवे तक प्रस्तावित 31.437 किलोमीटर लंबी लिंक रोड परियोजना अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण विकसित करेगा। करीब 4300 करोड़ रुपये की इस परियोजना से नोएडा के ट्रैफिक दबाव में कमी आएगी और दिल्ली से यमुना एक्सप्रेसवे तक सफर आसान होगा।

दिल्ली और यमुना एक्सप्रेसवे के बीच सफर को आसान बनाने वाली बहुप्रतीक्षित DND-यमुना एक्सप्रेसवे लिंक रोड परियोजना ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना का विकास राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण करेगा। करीब 31.437 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के लिए संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि इस सड़क के बनने के बाद दिल्ली से आगरा, मथुरा और लखनऊ की दिशा में जाने वाले लाखों वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही नोएडा शहर के भीतर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने में भी यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी। फिलहाल परियोजना की अनुमानित लागत करीब 4300 करोड़ रुपये आंकी गई है।


दोबारा होगा सर्वे, नई रिपोर्ट में तय होगा अंतिम स्वरूप

नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने प्रस्तावित मार्ग के आसपास मौजूद सभी प्रमुख सड़कों, एक्सप्रेसवे, लिंक रोड और विकासाधीन परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी मांगी है। इसमें चिल्ला एलिवेटेड रोड समेत अन्य महत्वपूर्ण मार्गों के एलाइनमेंट और डिजाइन से जुड़ी जानकारी भी शामिल है। नियुक्त सलाहकार कंपनी पूरे प्रस्तावित मार्ग का नए सिरे से सर्वेक्षण करेगी। इसी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर परियोजना की अंतिम रिपोर्ट तैयार होगी। उम्मीद जताई जा रही है कि शुरुआती रिपोर्ट अगले दो महीनों में तैयार हो जाएगी। इसके बाद परियोजना की लागत, मार्ग और निर्माण प्रक्रिया को अंतिम मंजूरी के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।


पर्यावरणीय मंजूरी सबसे बड़ी चुनौती

प्रस्तावित लिंक रोड DND से घरबरा तक विकसित की जानी है। हालांकि इसके रास्ते का एक हिस्सा ओखला पक्षी विहार क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिसके कारण परियोजना के सामने पर्यावरणीय चुनौतियां भी मौजूद हैं। इसी वजह से इस हिस्से में दोबारा व्यवहार्यता अध्ययन कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण और वन विभाग से आवश्यक अनुमति मिलना बेहद जरूरी होगा। यदि किसी कारण से

अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं मिलता है तो वैकल्पिक मार्ग की संभावना पर भी विचार किया जाएगा। इसलिए अंतिम एलाइनमेंट पर्यावरणीय रिपोर्ट और संबंधित विभागों की स्वीकृतियों के बाद ही तय किया जाएगा।


नोएडा एक्सप्रेसवे पर कम होगा दबाव

योजना के तहत यह कॉरिडोर सेक्टर-94 पुश्ता से शुरू होकर सेक्टर-151 के पास यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इसके बनने के बाद दिल्ली से आने वाले वाहन बिना नोएडा शहर में प्रवेश किए सीधे यमुना एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे। इससे नोएडा एक्सप्रेसवे और शहर की अन्य प्रमुख सड़कों पर वाहनों का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है। साथ ही यात्रियों का समय बचेगा और सफर अधिक सुगम होगा। लंबे समय से इस परियोजना का इंतजार कर रहे लोगों को अब इसके आगे बढ़ने से राहत और उम्मीद दोनों मिली हैं।

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