ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी-1 में फ्लैट की छत का प्लास्टर गिरा, परिवार बाल-बाल बचा

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ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी-1 की 5 एवेन्यू सोसाइटी में एक फ्लैट की छत का प्लास्टर अचानक गिर गया। हादसे में परिवार तो सुरक्षित बच गया, लेकिन कमरे में रखा सामान क्षतिग्रस्त हो गया।

ग्रेटर नोएडा। गौर सिटी-1 की 5 एवेन्यू सोसाइटी में सोमवार रात एक फ्लैट में उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब छत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा। फ्लैट के भीतर मौजूद परिवार ने जैसे-तैसे खुद को बचा लिया, लेकिन कमरे में रखा सामान मलबे और टूटे प्लास्टर की चपेट में आ गया। यह घटना एच टावर के फ्लैट नंबर 1265 में हुई, जहां मयंक के पिता उस समय मौजूद थे। गनीमत रही कि हादसे के वक्त किसी की सीधी चपेट में कोई नहीं आया, वरना नुकसान और बड़ा हो सकता था। यह मामला सोसाइटी की बिल्डिंग क्वालिटी और मेंटेनेंस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।

रात 10 बजे हुई घटना, कमरे में मचा हड़कंप

जानकारी के मुताबिक, छत का प्लास्टर रात करीब 10 बजे अचानक नीचे गिरा। आवाज इतनी तेज थी कि कमरे में मौजूद लोग घबरा गए और तुरंत सुरक्षित जगह की ओर हटे। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस हिस्से में प्लास्टर गिरा, वहां पहले से नमी या कमजोरी जैसी समस्या रही होगी, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। घटना के बाद कमरे में सामान बिखर गया और कई चीजें क्षतिग्रस्त हो गईं। परिवार ने राहत की सांस ली कि हादसा कुछ सेकंड पहले या बाद में होता तो कोई बड़ा जख्म या जनहानि हो सकती थी। सोसाइटी के भीतर इस घटना की चर्चा तेज है और लोग बिल्डिंग की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं।

मेंटेनेंस और निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

गौर सिटी-1 जैसी बड़ी रिहायशी सोसाइटी में इस तरह का हादसा उन परिवारों के लिए चिंता का कारण है, जो ऊपरी मंजिलों के फ्लैटों में रह रहे हैं। आमतौर पर प्लास्टर गिरने की घटनाएं तब सामने आती हैं जब सीलन, पानी रिसाव, कमजोर फिनिशिंग या लंबे समय से अनदेखा किया गया रखरखाव असर दिखाने लगता है। निवासियों के मुताबिक, सोसाइटी में अगर समय-समय पर तकनीकी जांच और मरम्मत होती रहे, तो ऐसी स्थिति टाली जा सकती है। बिल्डर और मेंटेनेंस एजेंसी की भूमिका भी अब सवालों के घेरे में है, क्योंकि लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर इतने बड़े परिसर में संरचनात्मक खामियां कैसे सामने आ रही हैं।

रिहायशी सोसाइटियों में सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में बेचैनी साफ देखी जा रही है। परिवारों का कहना है कि वे लाखों रुपये खर्च कर सुरक्षित आवास की उम्मीद में फ्लैट लेते हैं, लेकिन अगर छतों से प्लास्टर गिरने लगे तो भरोसा डगमगा जाता है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि सोसाइटी प्रबंधन ने घटना के बाद कोई तकनीकी निरीक्षण शुरू किया या नहीं, लेकिन residents इस पर त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जानकारों के मुताबिक, ऐसी घटनाएं सिर्फ एक फ्लैट तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि पूरे टॉवर की निगरानी जरूरत को सामने ला देती हैं। अब निगाह इस बात पर है कि मरम्मत और जांच को लेकर सोसाइटी प्रबंधन क्या कदम उठाता है और भविष्य में ऐसी चूक दोबारा न हो, इसके लिए क्या व्यवस्था बनती है।

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