गाजियाबाद में फॉर्च्यूनर चोरी का खुलासा, लग्जरी वाहन गिरोह के दो सगे भाई गिरफ्तार

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गाजियाबाद पुलिस ने लग्जरी गाड़ियों की चोरी करने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। साहिबाबाद से दो सगे भाइयों को दबोचकर चोरी की फॉर्च्यूनर बरामद की गई, जिसे बाहर बेचने की तैयारी थी।

गाजियाबाद। साहिबाबाद थाना पुलिस ने लग्जरी वाहनों की चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के हाथ चोरी गई टोयोटा फॉर्च्यूनर भी लगी है, जिसे आरोपी बाहर बेचने की तैयारी में थे। मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने तकनीकी निगरानी और स्थानीय सूचना के आधार पर गिरोह तक पहुंच बनाई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गैंग मांग के हिसाब से महंगी गाड़ियां चुराता था और फिर उनका इंजन, चेसिस और रजिस्ट्रेशन नंबर बदलकर पहचान मिटाने की कोशिश करता था।

कैसे पकड़ में आया पूरा नेटवर्क

पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरफ्त में आए दोनों आरोपियों की पहचान शावेज और सहवाज के रूप में हुई है। दोनों सगे भाई हैं और इन्हीं की निशानदेही पर चोरी की गई फॉर्च्यूनर बरामद की गई। पूछताछ में आरोपियों ने जो कहानी बताई, उससे पुलिस भी चौंक गई। सामने आया कि चोरी के बाद गाड़ियां सीधे ठिकाने नहीं लगाई जाती थीं, बल्कि पहले उनके पार्ट्स और पहचान से जुड़े नंबर बदले जाते थे। इसके बाद गाड़ियों की डेंटिंग-पेंटिंग कराई जाती थी, ताकि वे बिल्कुल नई और अलग वाहन जैसी दिखें। पुलिस का कहना है कि गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता था और चोरी की गाड़ियों को दूसरे राज्यों तक भेजने की तैयारी रहती थी।

नदीम के इशारे पर चलता था पूरा रैकेट

जांच में खुलासा हुआ है कि इस पूरे नेटवर्क की कमान नदीम नाम के शख्स के हाथ में थी। जानकारी के मुताबिक दूसरे राज्यों से लग्जरी वाहनों की मांग पहले उसी तक पहुंचती थी और फिर उसके बाद गैंग के सदस्य दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में टारगेट तलाशते थे। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह कोई साधारण चोर गिरोह नहीं था, बल्कि वाहनों की सप्लाई चेन की तरह काम कर रहा था, जहां चोरी से लेकर री-मार्किंग और बिक्री तक सबकुछ तय ढांचे में होता था। कई राज्यों में नेटवर्क फैला होने की आशंका के चलते अब पुलिस अन्य आरोपियों और खरीदारों की भी तलाश कर रही है।

लग्जरी कार चोरी पर बढ़ी सख्ती

इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने संकेत दिए हैं कि वाहन चोरी के ऐसे नेटवर्क पर अब और कड़ी नजर रखी जाएगी। साहिबाबाद और आसपास के इलाकों में लग्जरी गाड़ियों की चोरी पहले भी चुनौती बनी रही है, इसलिए पुलिस अब ऐसे मामलों में सीसीटीवी फुटेज, ट्रैकिंग और नंबर प्लेट से जुड़ी तकनीकी जांच को और मजबूत करने की बात कह रही है। अधिकारियों के मुताबिक यह भी जांच की जा रही है कि बरामद फॉर्च्यूनर किस जगह से चोरी की गई थी और इसमें गिरोह के कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस की ताजा सफलता से साफ है कि महंगी कारों की चोरी का यह धंधा अब स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय साजिश के रूप में सामने आ रहा है।

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