ग्रेटर नोएडा की निर्माणाधीन सोसाइटी में बड़ा हादसा, 37वीं मंजिल से गिरकर दो मजदूरों की मौत
- Shiv Kumar
- 12 Jun, 2026
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-152 स्थित एटीएस पिक्चरेस्क रिप्राइव परियोजना में गुरुवार को दर्दनाक हादसा हो गया। निर्माणाधीन टावर संख्या-23 की 37वीं मंजिल पर काम कर रहे दो मजदूर नीचे गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस, श्रम विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया गया है और हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
शटरिंग खोलते समय टूटी सेफ्टी बेल्ट, नीचे गिरे मजदूर
जानकारी के अनुसार टावर की 37वीं मंजिल पर दो दिन पहले छज्जे का लिंटर डाला गया था। गुरुवार को पश्चिम बंगाल निवासी रईसुल हक (24) और अब्दुल समद (45) शटरिंग खोलने का काम कर रहे थे। इसी दौरान शटरिंग का एक हिस्सा अचानक नीचे गिर गया। बताया जा रहा है कि हादसे के समय दोनों मजदूरों की सेफ्टी बेल्ट भी टूट गई, जिससे वे सीधे नीचे आ गिरे।
हादसे के तुरंत बाद दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दोनों मजदूर लंबे समय से इसी परियोजना में कार्यरत थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी गई।
परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप
मृतक अब्दुल समद के भाई और साइट पर ठेकेदार सैय्यद हुसैन ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि ऊंचाई पर काम के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी और हादसे के बाद भी राहत कार्य में देरी हुई। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी। परिजनों का कहना है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। वहीं कंपनी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और न ही मुआवजे को लेकर कोई घोषणा की गई है।
एटीएस बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी
पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों की शिकायत के आधार पर लापरवाही का मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में एटीएस बिल्डर और साइट प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
श्रम विभाग की टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया है। विभाग यह जांच कर रहा है कि ऊंचाई पर काम करने के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। अधिकारियों के अनुसार दोनों मजदूर ईएसआई और पीएफ जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े थे, जिससे उनके परिजनों को शासन की ओर से निर्धारित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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