ग्रेटर नोएडा वेस्ट की इको विलेज-1 सोसायटी में 20वीं मंजिल से प्लास्टर गिरा, कार क्षतिग्रस्त
- Babli Ansari
- 12 Jun, 2026
ग्रेटर नोएडा वेस्ट। इको विलेज-1 सोसायटी में गुरुवार को तेज हवा के दौरान 20वीं मंजिल से प्लास्टर का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे खड़ी एक कार पर जा गिरा। अचानक हुए इस हादसे से सोसायटी में हड़कंप मच गया और लोग घरों से बाहर निकल आए। गनीमत रही कि जिस वक्त प्लास्टर गिरा, उस समय कार के पास कोई शख्स मौजूद नहीं था, वरना हादसा और बड़ा हो सकता था। सूचना मिलते ही मौके पर लोग इकट्ठा हुए और क्षतिग्रस्त वाहन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गईं।
तेज हवा में टूटा बाहरी प्लास्टर
जानकारी के मुताबिक, जिस हिस्से से प्लास्टर गिरा वह ऊपरी मंजिल का बाहरी हिस्सा था, जहां लंबे समय से मरम्मत या रखरखाव की जरूरत बताई जा रही थी। तेज हवा चलने के दौरान पहले दरारें दिखाई दीं और कुछ ही देर में प्लास्टर का बड़ा टुकड़ा नीचे आ गिरा। नीचे खड़ी कार के बोनट और छत पर असर पड़ा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सोसायटी में पहले भी बाहरी हिस्से के रखरखाव को लेकर शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं दिखी। घटना के बाद लोग टावरों के नीचे पार्किंग को लेकर भी सतर्क हो गए हैं, क्योंकि ऊंची इमारतों में जर्जर प्लास्टर अब सुरक्षा जोखिम बनता जा रहा है।
सुरक्षा और रखरखाव पर फिर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ऊंची रिहायशी इमारतों में मेंटेनेंस की हकीकत सामने रख दी है। रेजिडेंट्स के मुताबिक, सोसायटियों में बाहरी दीवारों, बालकनियों और प्लास्टर की नियमित जांच बेहद जरूरी है, लेकिन कई जगह यह काम सिर्फ कागजों में होता है। निर्माण के बाद सालों तक समय पर मरम्मत न होने से ऐसी घटनाएं बढ़ती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, तेज हवाओं और मौसम के दबाव में कमजोर प्लास्टर सबसे पहले ढहता है, इसलिए प्रबंधन को ऊपरी मंजिलों की सुरक्षा ऑडिट करानी चाहिए। इस घटना के बाद निवासियों ने बिल्डर और मेंटेनेंस एजेंसी से जवाब मांगा है और नुकसान की भरपाई की मांग उठने लगी है।
निवासियों में नाराजगी, आगे कार्रवाई की मांग
सोसायटी में रहने वाले लोगों का कहना है कि यह केवल एक कार के नुकसान का मामला नहीं, बल्कि लापरवाही का सीधा उदाहरण है। कई परिवारों ने बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि ऐसे टुकड़े अगर पैदल चलने वालों पर गिरते तो जानलेवा साबित हो सकते थे। घटना के बाद टावर के आसपास बैरिकेडिंग की मांग भी उठी है, ताकि नीचे पार्किंग करने वालों को खतरा न रहे। फिलहाल प्रबंधन की ओर से क्षति का आकलन किया जा रहा है, जबकि निवासी चाहते हैं कि ऊपरी हिस्सों की तुरंत जांच कर कमजोर प्लास्टर हटाया जाए। लोगों का साफ कहना है कि अगर समय रहते रखरखाव किया जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
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