ग्रेटर नोएडा को मिली बड़ी सौगात, शुरू हुई इलेक्ट्रिक बस सेवा, मुख्यमंत्री योगी ने दिखाई हरी झंडी, 15 जून से हर घंटे मिलेगी बस
- Shiv Kumar
- 12 Jun, 2026
ग्रेटर नोएडा के निवासियों को सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से जेवर एयरपोर्ट के लिए इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा का शुभारंभ किया। ग्रेटर नोएडा में आयोजित कार्यक्रम में दादरी विधायक Tejpal Nagar, विधान परिषद सदस्य Chandra Sharma और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ N.G. Ravi Kumar ने हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया। इस पहल के तहत ग्रेटर नोएडा, नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में कुल 33 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी, जबकि प्रदेश स्तर पर 45 बसों को एक साथ रवाना किया गया। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में फिलहाल 11 आधुनिक वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें विभिन्न सेक्टरों और गांवों को जोड़ते हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक संचालित होंगी।
15 जून से हर घंटे मिलेगी बस सेवा
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ Prerna Singh ने बताया कि 15 जून से जेवर एयरपोर्ट के लिए प्रत्येक घंटे बस उपलब्ध रहेगी। यात्रियों के लिए न्यूनतम किराया 20 रुपये और अधिकतम किराया 50 रुपये तय किया गया है। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और लोगों को किफायती व सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
नई इलेक्ट्रिक बसों में एयर कंडीशनिंग, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट, सीसीटीवी कैमरे और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। बसों का संचालन पूरी तरह बैटरी आधारित होगा, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
चार रूटों पर चलेगी सेवा
बसों का संचालन चार प्रमुख रूटों पर किया जाएगा, जो चार मूर्ति, परी चौक, गौतमबुद्ध नगर विश्वविद्यालय, दनकौर, रबूपुरा, कासना, ओमिक्रोन, सूरजपुर और अन्य प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ते हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचेंगी। इन रूटों की लंबाई 55 से 82 किलोमीटर तक है और प्रत्येक मार्ग पर 23 से 32 स्टॉपेज निर्धारित किए गए हैं।
लंबे समय से थी मांग
दादरी विधायक तेजपाल नागर ने कहा कि ग्रेटर नोएडा के लोगों की लंबे समय से सिटी बस सेवा की मांग थी, जो अब पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तीनों प्राधिकरणों और परिवहन विभाग के संयुक्त प्रयास से यह परियोजना साकार हो सकी है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






