मंझावली पुल के पास अधूरी सड़क पर गड्ढे में गिरी बाइक, अस्पताल मैनेजर की मौत
- Babli Ansari
- 16 Jun, 2026
ग्रेटर नोएडा। मंझावली पुल के पास अधूरी सड़क ने एक और जान ले ली। फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल में मैनेजर 45 वर्षीय अतुल कुमार जोशी रविवार देर रात बाइक से ग्रेटर नोएडा की तरफ जा रहे थे, तभी दनकौर क्षेत्र में उनकी बाइक सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे में जा गिरी। अंधेरा इतना था कि रास्ता खत्म होने का अंदाजा नहीं लग सका और बाइक सीधे अधूरे हिस्से में समा गई। घायल अतुल रातभर वहीं पड़े रहे। सुबह ग्रामीणों ने उन्हें देखा और पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मंझावली पुल के आगे खतरनाक मोड़ पर रुका काम
जानकारी के मुताबिक हादसा उस जगह हुआ जहां मंझावली पुल से आगे की सड़क लंबे समय से अधूरी पड़ी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हिस्से पर न तो समुचित बैरिकेडिंग है और न ही रात के समय राहगीरों को चेतावनी देने के लिए पर्याप्त संकेतक। यही वजह रही कि बाइक सवार को सामने का रास्ता साफ नहीं दिखा और वह सीधे गड्ढे में जा गिरा। पुलिस के अनुसार अतुल के हेलमेट का शीशा नाक पर जा लगा, जिससे गंभीर चोट आई और खून बहता रहा। ग्रामीणों ने जब सुबह उन्हें निकाला, तब तक उनकी हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी।
पुलिस और स्थानीय लोगों के मुताबिक यह इलाका रात के वक्त और भी खतरनाक हो जाता है, क्योंकि निर्माणाधीन सड़क का हिस्सा अचानक खत्म हो जाता है। यमुना पर बन रहे मंझावली पुल को हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच अहम संपर्क परियोजना माना जा रहा है, लेकिन इसके आसपास की कनेक्टिंग रोड समय पर पूरी न होने से आवागमन जोखिम भरा बना हुआ है। करीब 350 करोड़ रुपये की इस परियोजना की नींव 2014 में रखी गई थी, फिर भी जमीनी स्तर पर अधूरी सड़क और सुरक्षा इंतजामों की कमी लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है।
सुरक्षा इंतजामों पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर निर्माणाधीन सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। दनकौर और आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस अधूरे मार्ग को लेकर शिकायतें की गईं, लेकिन मौके पर ठोस व्यवस्था नहीं दिखी। रात में रोशनी की कमी, रास्ते के अचानक टूट जाने और चेतावनी बोर्डों के न होने से हादसे की आशंका लगातार बनी रहती है। यही कारण है कि स्थानीय लोग अब निर्माण एजेंसी और प्रशासन से तत्काल बैरिकेडिंग, साइन बोर्ड और वैकल्पिक मार्ग की मांग कर रहे हैं।
अतुल कुमार जोशी फरीदाबाद के आई केयर अस्पताल में मैनेजर थे और रविवार रात ग्रेटर नोएडा की तरफ जा रहे थे। उनकी मौत के बाद परिवार और परिचितों में गहरा सदमा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। उधर, इस हादसे के बाद फिर सवाल खड़ा हो गया है कि जब पुल तैयार होने में सालों लग रहे हैं, तब तक अधूरी सड़क पर लोगों की जान बचाने के लिए जिम्मेदार विभाग क्या कदम उठा रहे हैं।
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