जेवर एयरपोर्ट पर उतरी पहली घरेलू कार्गो फ्लाइट, वाटर कैनन सलामी से हुआ स्वागत, पश्चिमी यूपी के कारोबार को मिलेगी नई उड़ान

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जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहली घरेलू कार्गो फ्लाइट का सफल संचालन हुआ। चेन्नई से 20 टन माल लेकर पहुंची उड़ान ने कार्गो सेवाओं की शुरुआत की। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के व्यापार, उद्योग और निर्यात गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम कर ली है। एयरपोर्ट पर पहली घरेलू कार्गो फ्लाइट का सफल संचालन किया गया। चेन्नई से करीब 20 टन मिश्रित माल लेकर पहुंची मालवाहक उड़ान का एयरपोर्ट पर वाटर कैनन सलामी के साथ स्वागत किया गया। कार्गो की लोडिंग और अनलोडिंग प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद विमान वापस चेन्नई के लिए रवाना हो गया। इस संचालन के साथ यह साफ हो गया है कि एयरपोर्ट का कार्गो टर्मिनल अब पूरी तरह से संचालन के लिए तैयार है। एयरपोर्ट प्रशासन का मानना है कि इससे क्षेत्र में व्यापार, उद्योग और निर्यात गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कारोबारियों और किसानों को भी अपने उत्पाद देश और विदेश के बाजारों तक तेजी से पहुंचाने का बेहतर विकल्प मिलेगा।


खाद्य पदार्थों से लेकर मोबाइल उपकरण तक पहुंचा माल

यह मालवाहक विमान अफकॉम होल्डिंग्स द्वारा संचालित बोइंग 737-800एफ था, जो चेन्नई से खाद्य पदार्थ, ऑटोमोबाइल उपकरण, मोबाइल डिवाइस और अन्य विभिन्न प्रकार का माल लेकर नोएडा पहुंचा। पहली कार्गो उड़ान के सफल संचालन को एयरपोर्ट के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे माल परिवहन का समय कम होगा और व्यापारियों की लागत में भी कमी आएगी। खासकर निर्यातकों और स्थानीय उद्योगों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। एयरपोर्ट प्रशासन का मानना है कि कार्गो सेवाओं के शुरू होने से क्षेत्र एक बड़े लॉजिस्टिक केंद्र के रूप में विकसित होगा और स्थानीय उद्योगों को नए बाजारों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।


30 एकड़ में बना आधुनिक कार्गो हब, क्षमता बढ़ाने की तैयारी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहले चरण में 30 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक कार्गो हब विकसित किया गया है। इसकी वार्षिक क्षमता 2.5 लाख मीट्रिक टन निर्धारित की गई है। यहां अत्याधुनिक कार्गो टर्मिनल, वेयरहाउस, ट्रकिंग सुविधाएं और डिजिटल प्रबंधन प्रणाली स्थापित की गई हैं, जिससे माल की आवाजाही और निगरानी अधिक आसान हो सकेगी। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार एक जुलाई से नियमित कार्गो उड़ानों का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए अफकॉम होल्डिंग्स लिमिटेड के साथ समझौता भी किया गया है। भविष्य में एयरपोर्ट की कार्गो क्षमता को बढ़ाकर 2.5 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंचाने की योजना है। इससे दिल्ली के हवाई अड्डे पर कार्गो दबाव कम होगा और उत्तर भारत में माल परिवहन की नई संभावनाएं खुलेंगी।

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