ग्रेटर नोएडा में मोनिंदर और उसके भाई की गिरफ्तारी पर सियासत तेज, सपा प्रतिनिधिमंडल ने की निष्पक्ष जांच की मांग

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ग्रेटर नोएडा में मोनिंदर और उसके भाई की गिरफ्तारी के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल परिवार से मिला और पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

ग्रेटर नोएडा में युवराज मेहता की मदद करने वाले मोनिंदर और उसके भाई को रंगदारी मांगने के आरोप में जेल भेजे जाने का मामला अब राजनीतिक रंग पकड़ता नजर आ रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ग्रेटर नोएडा पहुंचा और मामले की जानकारी जुटाई। प्रतिनिधिमंडल में सांसद हरेन्द्र मलिक, पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर, जिलाध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे। नेताओं ने मोनिंदर के परिजनों से मुलाकात कर उनका पक्ष सुना और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। परिवार ने प्रतिनिधिमंडल के सामने अपनी बात रखते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। इस दौरान सपा नेताओं ने कहा कि किसी भी मामले में न्याय और पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण है तथा जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए।


परिवार से मुलाकात कर जाना हालात, उठाए कई सवाल

सपा प्रतिनिधिमंडल ने मोनिंदर के घर पहुंचकर परिवार के सदस्यों से विस्तार से बातचीत की। नेताओं ने गिरफ्तारी से जुड़े घटनाक्रम और परिवार की शिकायतों को गंभीरता से सुना। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके। नेताओं ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की गई है तो जांच पूरी तरह तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। परिवार की ओर से भी न्याय की मांग की गई और कहा गया कि मामले की निष्पक्ष जांच से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस दौरान स्थानीय लोगों ने भी अपनी राय प्रतिनिधिमंडल के सामने रखी।


पुलिस कमिश्नर से मुलाकात, निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई

प्रतिनिधिमंडल ने ग्रेटर नोएडा दौरे के दौरान पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह से भी मुलाकात की। नेताओं ने मामले को लेकर अपनी चिंताएं रखीं और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की। सपा नेताओं का कहना है कि कानून के दायरे में रहते हुए हर पक्ष को सुना जाना चाहिए। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने मोनिंदर और उसके भाई को कथित रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब इस मामले में राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ने के साथ-साथ जांच प्रक्रिया पर भी नजरें टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में मामले में नए तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है

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somindra singh

धन्यवाद आपने सच्चाई की आवाज उठाई