नोएडा-ग्रेटर नोएडा में खाद्य विभाग का बड़ा छापा, 300 किलो पनीर कराया नष्ट, दुकानदारों में मचा हड़कंप, आम लोगो की सेहत से हो रहा था खिलवाड़

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नोएडा और ग्रेटर नोएडा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 300 किलो पनीर नष्ट कराया। विभिन्न डेरी और प्रतिष्ठानों से दूध और पनीर के पांच नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी है।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 300 किलो पनीर को मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने पर नष्ट करा दिया। विभाग की इस कार्रवाई से डेरी संचालकों और खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने कई स्थानों पर छापेमारी कर दूध और पनीर के नमूने भी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।

आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और जिलाधिकारी के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत विभाग की टीमों ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर क्षेत्र में कई डेरी और प्रतिष्ठानों की जांच की। अभियान का उद्देश्य जनपदवासियों को शुद्ध और गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। जांच के दौरान कई जगहों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई की गई।


डेरी और प्रतिष्ठानों से लिए गए नमूने

सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि हल्दौनी स्थित चौधरी डेरी से पनीर का नमूना लिया गया। यहां मौजूद लगभग 100 किलो पनीर प्रथम दृष्टया मिलावटी और मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाया गया, जिसे मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। वहीं जेवर तहसील के जहांगीरपुर स्थित प्रमोद डेरी से दूध का नमूना संग्रहित किया गया। दूसरी टीम ने सेक्टर-15 स्थित चौहान डेरी में जांच की, जहां से पनीर का नमूना लिया गया। यहां करीब 200 किलो पनीर गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता मिला, जिसे नष्ट करा दिया गया। इसके अलावा सेक्टर-65 स्थित एक प्रतिष्ठान से दूध और पनीर के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।


जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

अधिकारियों के अनुसार अभियान के दौरान कुल पांच नमूने संग्रहित किए गए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि जांच अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर मिलावटखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खाद्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद आम लोगों में भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को भी खाद्य सामग्री खरीदते समय सतर्क रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध उत्पाद की शिकायत संबंधित विभाग से करनी चाहिए।

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