ग्रेटर नोएडा जिम्स हॉस्पिटल में धरना दे रहे कर्मचारियों को पुलिस ने खदेड़ा, मांगों को लेकर चल रहा था प्रदर्शन

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ग्रेटर नोएडा के जिम्स अस्पताल में स्थायी नौकरी की मांग को लेकर धरना दे रहे करीब 400 आउटसोर्स कर्मचारियों को पुलिस ने हटाया। कार्रवाई के दौरान नोकझोंक हुई और कर्मचारियों ने मारपीट का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने आरोपों को निराधार बताया है।

ग्रेटर नोएडा के कासना थाना क्षेत्र स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) अस्पताल में सोमवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब स्थायी नौकरी की मांग को लेकर धरना दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को पुलिस ने वहां से हटा दिया। करीब 400 कर्मचारी 16 जून से अपनी मांगों को लेकर अस्पताल परिसर के मुख्य हॉल में धरना दे रहे थे, जिससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। पुलिस की कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई, जबकि कर्मचारियों ने मारपीट के आरोप लगाए हैं।


अस्पताल में बाधित हो रही थीं सेवाएं, प्रशासन ने समझाने की कोशिश की

प्रशासन के अनुसार, धरना प्रदर्शन अस्पताल के मुख्य भवन और प्रवेश क्षेत्र में किया जा रहा था, जिससे इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। जिम्स प्रबंधन और पुलिस प्रशासन द्वारा कई बार कर्मचारियों से बातचीत कर उन्हें दूसरे स्थान पर प्रदर्शन करने के लिए कहा गया, लेकिन कर्मचारी मुख्य हॉल से हटने को तैयार नहीं हुए। लगातार समझाने के बावजूद जब स्थिति नहीं बदली तो प्रशासन ने कार्रवाई की।


पुलिस और कर्मचारियों में नोकझोंक, हटाने की कार्रवाई

बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान कुछ कर्मचारी स्थान बदलने को तैयार हो गए, लेकिन कुछ अन्य ने विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान पुलिस और कर्मचारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। पुलिस का कहना है कि उन्होंने केवल कर्मचारियों को अस्पताल परिसर के भीतर दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया है ताकि चिकित्सा सेवाएं बाधित न हों। वहीं, कर्मचारियों ने पुलिस पर मारपीट और जबरन हटाने का आरोप लगाया है।


पुलिस का पक्ष: लाठीचार्ज और मारपीट के आरोप निराधार

पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को पूरी तरह से गलत और निराधार बताया है। अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी प्रकार का लाठीचार्ज नहीं किया गया और केवल शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्मचारियों को समझा-बुझाकर स्थानांतरित किया गया। मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे और स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि मरीजों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी कारण यह कदम उठाना पड़ा।


स्थिति सामान्य, बातचीत जारी

फिलहाल अस्पताल में स्थिति सामान्य बताई जा रही है और पुलिस व प्रशासन दोनों पक्षों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। कर्मचारियों की मांगों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर आगे भी वार्ता जारी रहने की संभावना है।

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