गौतमबुद्धनगर में सपा कार्यकर्ताओं का हंगामा, डीएम से मुलाकात न होने पर सूरजपुर-कासना रोड जाम, पुलिस से हुई नोकझोंक

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गौतम बुद्ध नगर में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिम्स हॉस्पिटल के आउटसोर्स कर्मचारियों के समर्थन में प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी से मुलाकात न होने पर कार्यकर्ताओं ने सूरजपुर–कासना रोड जाम कर दिया। पुलिस से धक्का-मुक्की के बाद अधिकारियों के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित किया गया।

गौतम बुद्ध नगर में जिम्स हॉस्पिटल में धरना दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों के समर्थन में पहुंचे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपने की कोशिश की। हालांकि डीएम से मुलाकात न होने पर कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और उन्होंने सूरजपुर–कासना रोड पर जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की भी स्थिति बनी। बाद में उच्च अधिकारियों के आश्वासन पर मामला शांत हुआ और प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया।


जिलाधिकारी से मुलाकात न होने पर सड़क पर उतरे कार्यकर्ता
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वे जिम्स हॉस्पिटल में धरना दे रहे लगभग चार सौ आउटसोर्स कर्मचारियों के समर्थन में ज्ञापन देने पहुंचे थे, लेकिन जिलाधिकारी से मुलाकात नहीं कराई गई। इसी बात से नाराज होकर कार्यकर्ताओं ने सूरजपुर–कासना मुख्य मार्ग पर बैठकर जाम लगा दिया। जाम के कारण सड़क पर यातायात प्रभावित हो गया और आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और स्थिति को संभालने की कोशिश की गई। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए तत्काल समाधान की मांग की।


पुलिस से धक्का-मुक्की, बाद में अधिकारियों के आश्वासन पर समाप्त हुआ प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और समाजवादी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति भी देखने को मिली। पुलिस ने जाम हटाने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका कहना था कि जब तक जिम्स हॉस्पिटल के आउटसोर्स कर्मचारियों की स्थायी नौकरी और अन्य मांगों पर ठोस बातचीत नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कुछ समय बाद शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप करते हुए बातचीत का आश्वासन दिया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

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