मनी लॉन्ड्रिंग केस में दिल्ली-NCR में छापे, प्रॉपर्टी डील्स जांच के घेरे में
- Babli Ansari
- 25 Jun, 2026
दिल्ली और गाजियाबाद में गुरुवार सुबह उस समय हलचल मच गई जब प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की टीमों ने कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू कर दी। यह कार्रवाई हाउसिंग सोसाइटी की जमीन से जुड़े कथित घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर की गई। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी लंबे समय से इस मामले की पड़ताल कर रही थी और अब कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों तथा वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए तलाशी अभियान चलाया गया है। बताया जा रहा है कि टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर फाइलों, प्रॉपर्टी रिकॉर्ड, कंप्यूटर डेटा और बैंकिंग दस्तावेजों को खंगाला।
सोसाइटी सदस्यों के अधिकारों पर उठे सवाल
जांच का केंद्र गाजियाबाद के अकबरपुर बहरामपुर इलाके में स्थित करीब 41,544 वर्ग मीटर जमीन बताई जा रही है। आरोप है कि हाउसिंग सोसाइटी के सदस्यों से विकास अधिकार लेने के बाद जमीन और उससे जुड़े प्रोजेक्ट्स को कथित रूप से गलत तरीके से आगे बढ़ाया गया। जांच एजेंसियों को शक है कि सदस्यों को अधिकार छोड़ने के लिए राजी किया गया और बाद में उसी संपत्ति से जुड़े सौदों के जरिए बड़ी रकम जुटाई गई। अब यह जांच की जा रही है कि अधिकारों का हस्तांतरण किस प्रक्रिया के तहत हुआ और क्या इसमें नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
डेवलपर्स और पदाधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में
सूत्रों के अनुसार, ED केवल जमीन के सौदे की जांच नहीं कर रही बल्कि पूरे नेटवर्क को समझने की कोशिश कर रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं डेवलपर्स, सोसाइटी के पदाधिकारी और बिचौलियों ने मिलकर किसी संगठित तरीके से यह पूरा खेल तो नहीं खेला। एजेंसी को शक है कि जमीन के असली मालिकाना हक और विकास अधिकारों के बीच मौजूद कानूनी जटिलताओं का फायदा उठाया गया। इसी वजह से कई संबंधित लोगों की भूमिका जांच के घेरे में आ गई है।
मनी ट्रेल पर फोकस, पैसों के रास्ते की पड़ताल
इस मामले का सबसे अहम हिस्सा अब मनी ट्रेल बन गया है। ED यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर जमीन और फ्लैटों की बिक्री से जो पैसा आया, वह आखिर किन खातों, कंपनियों और संपत्तियों तक पहुंचा। जानकारी के मुताबिक कुछ लेन-देन कागजों पर वैध दिखाई देते हैं, लेकिन जांच एजेंसी को संदेह है कि वास्तविक कीमत और घोषित कीमत में बड़ा अंतर हो सकता है। इसी कारण बैंक खातों, निवेशों और संपत्ति खरीद से जुड़े रिकॉर्ड की भी गहन जांच की जा रही है।
आगे और बढ़ सकती है जांच की आंच
दिल्ली-NCR में रियल एस्टेट और हाउसिंग सोसाइटी से जुड़े विवाद पहले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का एंगल जुड़ने से इसकी गंभीरता काफी बढ़ गई है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि यदि जांच एजेंसी को ठोस सबूत मिलते हैं तो आने वाले दिनों में कुछ लोगों को नोटिस भेजे जा सकते हैं और गिरफ्तारी या संपत्ति जब्ती जैसी कार्रवाई भी हो सकती है। फिलहाल ED पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मामला केवल जमीन विवाद तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा आर्थिक अपराध छिपा हुआ है।
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