नोएडा में 1.95 करोड़ के भूखंड की डील में 80 लाख की ठगी, कोर्ट के आदेश पर दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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नोएडा के सेक्टर-86 में प्लॉट बेचने के नाम पर 80 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। अदालत के आदेश पर दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस दस्तावेजों और लेनदेन की जांच कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।

नोएडा के सेक्टर-86 में भूखंड बेचने के नाम पर 80 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर अदालत के आदेश के बाद सेक्टर-24 थाना पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि जिस भूखंड को अपना बताकर बेचा जा रहा था, वह किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर निकला। अब पुलिस पूरे मामले में दस्तावेजों और लेनदेन की जांच कर रही है।


किस्तों में दिए 80 लाख रुपये

सेक्टर-75 स्थित जेएम अरोमा सोसाइटी निवासी दीपक चौहान ने बताया कि वह काफी समय से नोएडा में एक भूखंड खरीदने की तलाश कर रहे थे। वर्ष 2025 में उनकी मुलाकात धर्मेंद्र चौहान से हुई, जिसने सेक्टर-86 में 330 वर्ग मीटर का एक भूखंड अपना बताते हुए दिखाया। दोनों के बीच 1 करोड़ 95 लाख 91 हजार 440 रुपये में सौदा तय हुआ। शिकायत के अनुसार, 12 नवंबर 2025 को 10 लाख रुपये बयाने के रूप में दिए गए। इसके बाद 26 दिसंबर को एग्रीमेंट टू सेल के दौरान 10 लाख रुपये और दिए गए। फिर 14 फरवरी को 25 लाख रुपये चेक से और 35 लाख रुपये नकद दिए गए। इस तरह कुल 80 लाख रुपये आरोपी को सौंप दिए गए।


जांच में खुला राज, असली मालिक निकला कोई और

पीड़ित का आरोप है कि भुगतान के बाद जब रजिस्ट्री कराने की बात हुई तो आरोपी लगातार बहाने बनाता रहा। शक होने पर नोएडा प्राधिकरण से जानकारी ली गई, जहां पता चला कि संबंधित भूखंड धर्मेंद्र चौहान के नाम पर नहीं, बल्कि गेझा तिलपताबाद गांव निवासी रामबक्श उर्फ भूले के नाम दर्ज है। आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का कहना है कि दोनों ने मिलकर पहले से ही धोखाधड़ी की साजिश रची थी।


कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा

थाना स्तर पर कार्रवाई नहीं होने के बाद पीड़ित ने अदालत का रुख किया। कोर्ट के निर्देश पर सेक्टर-24 थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेज, बैंक लेनदेन और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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