ग्रेटर नोएडा में धूल व प्रदूषण नियंत्रण अभियान तेज, सड़कों की सफाई और जल छिड़काव से AQI सुधार की कोशिश
- Shiv Kumar
- 28 Jun, 2026
ग्रेटर नोएडा में बढ़ते धूल और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) ने विशेष स्वच्छता अभियान को और तेज कर दिया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत यह अभियान लगातार चौथे दिन भी जारी रहा, जिसमें शहर की प्रमुख सड़कों पर धूल हटाने और सफाई का व्यापक कार्य किया जा रहा है। प्राधिकरण की स्वास्थ्य, परियोजना और उद्यान विभाग की संयुक्त टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया गया है ताकि सफाई कार्य तेजी और प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके। हनुमान मंदिर से राइज पुलिस चौकी तक के मार्ग पर विशेष ध्यान देते हुए सड़क किनारे जमा मलबा हटाया जा रहा है और मशीनों के साथ-साथ मैनुअल सफाई भी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल सफाई नहीं बल्कि हवा की गुणवत्ता में सुधार और नागरिकों को प्रदूषण से राहत देना है।
स्वच्छता अभियान का उद्देश्य और चौथे दिन की कार्रवाई
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर में धूल प्रदूषण को कम करना और वायु गुणवत्ता में सुधार करना है। चौथे दिन भी टीमों ने कई प्रमुख सड़कों पर सघन सफाई अभियान चलाया। इसमें सड़क किनारों से धूल और मिट्टी हटाने के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों का उपयोग किया गया, जबकि कुछ स्थानों पर मैनुअल सफाई भी कराई गई। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है बल्कि इसे लगातार जारी रखा जाएगा ताकि स्थायी रूप से प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके।
सड़क सफाई में मशीनों और मानव संसाधन का संयुक्त उपयोग
अभियान के दौरान आधुनिक मशीनों और मानव संसाधन दोनों का उपयोग किया जा रहा है। मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों से मुख्य सड़कों की सफाई की जा रही है, जबकि छोटे और संकरे हिस्सों में मैनुअल सफाई की जा रही है। इसके अलावा क्रेन और लोडर की मदद से सड़कों पर जमा निर्माण मलबा और कचरा हटाया जा रहा है। जल छिड़काव के लिए टैंकरों का उपयोग किया जा रहा है ताकि धूल को हवा में उड़ने से रोका जा सके। इस मिश्रित प्रणाली से सफाई कार्य अधिक प्रभावी और तेज हो रहा है।
हनुमान मंदिर से राइज पुलिस चौकी तक विशेष सफाई अभियान
अभियान के तहत हनुमान मंदिर से राइज पुलिस चौकी तक के क्षेत्र को विशेष रूप से शामिल किया गया है। यह इलाका ट्रैफिक और सार्वजनिक आवाजाही के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां सड़क किनारे जमा धूल और निर्माण सामग्री को हटाने के लिए विशेष टीमें लगाई गई हैं। इस मार्ग पर नियमित अंतराल पर जल छिड़काव भी किया जा रहा है ताकि धूल का स्तर कम रहे और राहगीरों को राहत मिल सके। अधिकारियों ने बताया कि इसी तरह अन्य प्रमुख मार्गों पर भी अभियान चलाया जाएगा।
वायु गुणवत्ता सुधार पर प्रशासन का फोकस
प्राधिकरण का कहना है कि इस अभियान का सीधा उद्देश्य वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार लाना है। ग्रेटर नोएडा में तेजी से हो रहे निर्माण कार्यों और वाहनों की आवाजाही के कारण धूल प्रदूषण एक बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में नियमित सफाई, जल छिड़काव और मलबा हटाने जैसे कदम बेहद जरूरी हैं। प्रशासन का दावा है कि इन प्रयासों से आने वाले दिनों में धूल प्रदूषण में स्पष्ट कमी देखने को मिलेगी और नागरिकों को बेहतर वायु गुणवत्ता का अनुभव होगा।
नागरिकों से सहयोग की अपील
प्राधिकरण ने नागरिकों और निर्माण एजेंसियों से भी सहयोग की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे खुले में मलबा न डालें और निर्माण कार्यों के दौरान धूल नियंत्रण के नियमों का पालन करें। साथ ही वाहनों से निकलने वाली धूल को कम करने के लिए समय-समय पर सड़क किनारे पानी का छिड़काव भी जारी रखने की योजना है। अधिकारियों ने कहा कि शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रशासन और जनता दोनों का सहयोग जरूरी है।
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