नोएडा डबल मर्डर केस में बड़ा फैसला: पांच सगे भाइयों समेत 9 दोषियों को उम्रकैद, 5 साल बाद मिला पीड़ित परिवार को इंसाफ

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गौतमबुद्धनगर के चर्चित गिरधरपुर सुनारसी डबल मर्डर केस में अदालत ने पांच सगे भाइयों समेत नौ दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वर्ष 2021 में जमीन विवाद के दौरान हुई दोहरी हत्या के मामले में प्रत्येक दोषी पर 86 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

गौतमबुद्धनगर के बहुचर्चित गिरधरपुर सुनारसी डबल मर्डर केस में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पांच सगे भाइयों समेत कुल नौ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सोमप्रभा मिश्रा की अदालत ने वर्ष 2021 में जमीन विवाद के दौरान हुई दोहरी हत्या और एक व्यक्ति को गंभीर रूप से घायल करने के मामले में सभी आरोपियों को दोषी ठहराया। अदालत ने देवेन्द्र, रविन्द्र, सतेन्द्र, धर्मेन्द्र, जितेन्द्र, भोपाल, महिपाल उर्फ अल्लू, अमरजीत बंसल और अमित बंसल पर हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा, घातक हथियार से हमला, गाली-गलौज और क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत सजा सुनाई। प्रत्येक दोषी पर 86-86 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने पांच वर्षों की कानूनी लड़ाई के बाद न्याय मिलने पर संतोष जताया।


जमीन विवाद में चली गोलियां, दो लोगों की हुई थी मौत

यह मामला 8 फरवरी 2021 का है, जब थाना बादलपुर क्षेत्र के गिरधरपुर सुनारसी गांव में जमीन विवाद को लेकर पंचायत बुलाई गई थी। अभियोजन के अनुसार पंचायत के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आए, तभी आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और लाइसेंसी सहित अन्य हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोली लगने से अमित और सुरेश उर्फ सलेक की मौत हो गई, जबकि प्रेम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव फैल गया था और भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा था। अगले दिन वादी सुनील ने नौ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्य, गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों के आधार पर आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया, जिसके बाद मामले की सुनवाई लगातार चलती रही।


कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को माना अहम

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपियों की पारिवारिक जिम्मेदारियों और आपराधिक इतिहास न होने का हवाला देते हुए सजा में नरमी की मांग की, लेकिन अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए इसे स्वीकार नहीं किया। न्यायालय ने कहा कि सामूहिक फायरिंग में दो लोगों की हत्या और एक व्यक्ति को गंभीर रूप से घायल करना अत्यंत गंभीर अपराध है, इसलिए कठोर दंड आवश्यक है। इस मामले का सबसे अहम प्रत्यक्षदर्शी प्रेम सिंह था, जिसकी बाद में दिसंबर 2021 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में भी मुख्य आरोपियों के खिलाफ अलग मुकदमा दर्ज किया गया था। मंगलवार को फैसला सुनाए जाने के दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। फैसला सुनते ही आरोपी और उनके परिजन भावुक हो गए, जबकि एक आरोपी की पत्नी कोर्ट में बेहोश होकर गिर पड़ी।

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