नोएडा में मुनाफे का लालच पड़ा भारी, दो लोगों से 43 लाख की ठगी, निवेश के नाम पर बनाया शिकार

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नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगों ने दो लोगों से करीब 43 लाख रुपये ठग लिए। व्हाट्सऐप ग्रुप और सोशल मीडिया के जरिए भरोसा जीतकर रकम ऐंठी गई। पुलिस ने दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर साइबर ठग लगातार लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ताजा मामला नोएडा और ग्रेटर नोएडा का है, जहां ठगों ने दो लोगों से करीब 43 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने पहले व्हाट्सऐप और सोशल मीडिया के जरिए संपर्क किया, फिर निवेश की ट्रेनिंग देने और कम समय में मोटा रिटर्न दिलाने का लालच दिया। शुरुआत में छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाकर पीड़ितों का भरोसा जीता गया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। जब पीड़ितों ने अपनी रकम और मुनाफा निकालने की कोशिश की तो ठगों ने संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया। दोनों पीड़ितों ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत करने के बाद बुधवार को संबंधित थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर साइबर ठगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।


अजनारा होम्स निवासी से 13.58 लाख रुपये की ठगी

ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित अजनारा होम्स सोसायटी निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि अगस्त 2025 में वंशिका गिल नाम की महिला ने व्हाट्सऐप पर संपर्क किया। इसके बाद उन्हें यूपीस्टोक्स नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप से जोड़कर ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करने की सलाह दी गई। शुरुआती दौर में छोटे निवेश पर अच्छा मुनाफा दिखाकर उनका भरोसा जीत लिया गया। इसके बाद 29 अगस्त से 9 सितंबर 2025 के बीच पीड़ित ने अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए 13.58 लाख रुपये आरोपियों के बताए बैंक खातों में जमा करा दिए। जब उन्होंने अपनी मूल रकम और मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो ठगों ने बातचीत बंद कर दी और सभी संपर्क खत्म कर दिए। इसके बाद पीड़ित ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।


दूसरे पीड़ित से 29.40 लाख रुपये ऐंठे, टैक्स के नाम पर मांगे और पैसे

दूसरा मामला नोएडा के सेक्टर-22 का है। यहां रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि दिसंबर 2025 में सोशल मीडिया के माध्यम से साइबर अपराधियों ने उनसे संपर्क किया। इसके बाद उन्हें व्हाट्सऐप पर निवेश की कथित ट्रेनिंग दी गई और शुरुआती निवेश पर मुनाफा देकर भरोसा कायम किया गया। विश्वास बनने के बाद पीड़ित ने अलग-अलग चरणों में 29.40 लाख रुपये निवेश कर दिए। जब उन्होंने मुनाफे की रकम निकालनी चाही तो ठगों ने प्लेटफॉर्म फीस और 10 प्रतिशत टैक्स जमा करने की शर्त रख दी। पीड़ित ने अतिरिक्त रकम देने में असमर्थता जताई तो आरोपियों ने संपर्क तोड़ दिया। दोनों मामलों में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और लोगों से ऑनलाइन निवेश से पहले पूरी तरह सत्यापन करने की अपील की है।

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