नोएडा में विकास कार्यों पर बढ़ेगा खर्च, अथॉरिटी के प्रोजेक्ट 10 फीसदी तक होंगे महंगे, PWD का नया SOR लागू
- Shiv Kumar
- 10 Jul, 2026
नोएडा अथॉरिटी ने लंबे इंतजार के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) का शेड्यूल ऑफ रेट (SOR)-2025 लागू कर दिया है। अब अथॉरिटी में होने वाले नए विकास कार्यों और परियोजनाओं का एस्टिमेट नए रेट के अनुसार तैयार किया जाएगा। एसओआर-2025 लागू होने के बाद सड़कों, नालों, भवनों, पार्कों, ड्रेनेज, सीवर, फुटपाथ और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्टों की लागत में औसतन 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। अथॉरिटी में इससे पहले वर्ष 2021 का एसओआर लागू था, जिसके आधार पर ही पिछले कई वर्षों से टेंडर जारी किए जा रहे थे। बढ़ती निर्माण लागत और महंगाई को देखते हुए ठेकेदार लगातार नए रेट लागू करने की मांग कर रहे थे।
निर्माण सामग्री और मजदूरी की बढ़ती लागत बनी वजह
पिछले कुछ वर्षों में निर्माण से जुड़ी लगभग सभी प्रमुख सामग्रियों की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है। सीमेंट, सरिया, बिटुमेन, गिट्टी, रेत, ईंट, पाइप, केबल और अन्य सामग्री के साथ-साथ श्रमिकों की मजदूरी और मशीनरी संचालन का खर्च भी बढ़ा है। पुराने एसओआर-2021 के आधार पर काम करने में निर्माण एजेंसियों को लागत का संतुलन बनाना मुश्किल हो रहा था। कम रेट के कारण कई बड़ी निर्माण कंपनियां टेंडर प्रक्रिया में रुचि नहीं दिखा रही थीं। इसका असर यह हुआ कि कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए बार-बार री-टेंडर जारी करने पड़े और विकास कार्यों की रफ्तार प्रभावित हुई। नए एसओआर से अब निर्माण एजेंसियों को मौजूदा बाजार दरों के अनुसार काम करने में सुविधा मिलेगी।
इन कामों में लागू होंगे नए रेट
एसओआर-2025 में निर्माण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सामग्री और कार्यों के नए रेट तय किए गए हैं। इसमें सीमेंट, टीएमटी सरिया, ईंट और फ्लाई ऐश ईंट, रेत, गिट्टी, एग्रीगेट, बिटुमेन (डामर), रेडी मिक्स कंक्रीट, सीसी और आरसीसी कार्य, इंटरलॉकिंग टाइल्स, पेवर ब्लॉक, सीवर और ड्रेनेज पाइप, पानी की पाइप लाइन सामग्री, विद्युत केबल, वायरिंग, स्ट्रीट लाइट पोल, एलईडी लाइट और जेसीबी जैसी मशीनरी शामिल हैं। अब अथॉरिटी के सभी विभाग नए प्रोजेक्टों की लागत का निर्धारण इन्हीं संशोधित दरों के आधार पर करेंगे। इससे परियोजनाओं के बजट में बदलाव देखने को मिलेगा।
विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद
जानकारों के अनुसार एसओआर सिर्फ निर्माण सामग्री की कीमत तय करने वाला दस्तावेज नहीं होता, बल्कि अलग-अलग निर्माण गतिविधियों की मानक लागत भी निर्धारित करता है। इससे सभी विभागों में लागत निर्धारण एक समान रहता है और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता आती है। नोएडा अथॉरिटी के लिए एसओआर-2025 का लागू होना इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि शहर में सड़क निर्माण, सेक्टरों का विकास, ड्रेनेज नेटवर्क, भवन निर्माण, पार्कों के विकास और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। नए रेट लागू होने से इन परियोजनाओं की वास्तविक लागत का आकलन करना आसान होगा और टेंडर प्रक्रिया में भी सुधार आने की उम्मीद है।
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