14.90 लाख की ऑनलाइन ठगी का भंडाफोड़, बीटा-2 पुलिस और SOG की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपी गिरफ्तार

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ग्रेटर नोएडा की बीटा-2 पुलिस और एसओजी ने साइबर ठगी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में 14.90 लाख रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना बीटा-2 पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 14.90 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को "ऑपरेशन साइबर वज्र" के तहत अल्फा-2 क्षेत्र से पकड़ा गया। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी संगठित तरीके से साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े थे और बैंक खातों के जरिए ठगी की रकम को ठिकाने लगाने का काम कर रहे थे। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।


जांच में सामने आया ठगी का पूरा नेटवर्क

पुलिस के मुताबिक, एनसीआरपी और समन्वय पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से दर्ज साइबर ठगी की शिकायतों की जांच के दौरान बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण किया गया। जांच में पता चला कि 10 सितंबर 2025 को साउथ इंडिया बैंक के साथ 49.39 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी हुई थी। यह रकम तीन अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गई थी, जिनमें से 14.90 लाख रुपये आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के एक खाते में पहुंचे। जांच के दौरान यह बैंक खाता आरोपी प्रीतम के नाम पर पंजीकृत मिला। पुलिस का कहना है कि प्रीतम ने अपने साथी सन्नी ठाकुर के साथ मिलकर इस ठगी को अंजाम देने में भूमिका निभाई। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर दोनों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने के बाद गिरफ्तारी की गई।


दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रीतम पुत्र कांची रावल निवासी घोड़ी बछेड़ा, थाना दादरी (गौतमबुद्ध नगर) और सन्नी ठाकुर पुत्र सुरेश ठाकुर निवासी साहिबाबाद (गाजियाबाद) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस मामले में थाना बीटा-2 में धारा 112 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी भी की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, साइबर अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह का अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

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