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नोएडा CEO का बड़ा फैसला, D-Mart के भूखंड का आवंटन हो सकता है रद्द, लापरवाही पर कार्रवाई तय

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नोएडा के सेक्टर-73 में बारिश के बाद नाला धंसने और सड़क क्षतिग्रस्त होने के मामले में नोएडा प्राधिकरण ने D-Mart के आवंटी के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सीईओ ने भूखंड का आवंटन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

नोएडा में हाल की बारिश के बाद सामने आई लापरवाही पर नोएडा प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है। सेक्टर-73 स्थित व्यावसायिक भूखंड सी-01 पर जलभराव के कारण प्राधिकरण का नाला धंसने, सर्विस रोड क्षतिग्रस्त होने और बारातघर की पेरिफेरल दीवार गिरने के मामले में प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एम/एस एवेन्यू सुपरमार्ट लिमिटेड (D-Mart) के खिलाफ धारा-10 के तहत नोटिस जारी कर भूखंड का आवंटन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सीईओ ने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


बारिश के बाद धंसा नाला, सड़क और दीवार भी हुई क्षतिग्रस्त

गुरुवार को हुई भारी बारिश के दौरान सेक्टर-73 के प्लॉट संख्या सी-01 में बड़े पैमाने पर जलभराव हो गया। इसके चलते नोएडा प्राधिकरण का नाला धंस गया, जिससे उससे लगी सर्विस रोड क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं पास स्थित बारातघर की पेरिफेरल दीवार भी गिर गई और उसे जोड़ने वाली सड़क में गहरी दरारें पड़ गईं। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। प्रारंभिक जांच में माना गया कि निर्माण कार्य और जल निकासी व्यवस्था में लापरवाही के चलते यह स्थिति बनी।


पहले कारण बताओ नोटिस, अब आवंटन रद्द करने की कार्रवाई

घटना के तुरंत बाद नोएडा प्राधिकरण ने आवंटी एम/एस एवेन्यू सुपरमार्ट लिमिटेड को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपने खर्च पर क्षतिग्रस्त नाले और सड़क की मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे। कंपनी ने मरम्मत का कार्य शुरू भी कर दिया, लेकिन प्राधिकरण इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित भूखंड से जुड़ी लापरवाही की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं। इसी कारण अब भूखंड का आवंटन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यह भूखंड 22 नवंबर 2022 को आवंटित किया गया था, जिसकी लीज डीड 17 मार्च 2023 को हुई थी। 26 नवंबर 2024 को भवन का मानचित्र स्वीकृत हुआ था और निर्माण कार्य पूरा करने के लिए पांच वर्ष की समय सीमा निर्धारित की गई थी। सीईओ कृष्ण करुणेश ने कहा कि मामले में जवाबदेही तय की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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