ग्रेटर नोएडा डायट में ‘प्रज्ञा प्रवाह’ प्रशिक्षण शुरू, शिक्षकों को संवैधानिक और मानवीय मूल्यों की दी गई जानकारी

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ग्रेटर नोएडा के दनकौर स्थित डायट में ‘प्रज्ञा प्रवाह’ के तहत तीन दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। इसमें शिक्षकों को संवैधानिक और मानवीय मूल्यों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 के अनुसार मूल्यपरक शिक्षा लागू करने की जानकारी दी जा रही है।

ग्रेटर नोएडा के दनकौर स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में सोमवार शाम तीन बजे ‘प्रज्ञा प्रवाह’ के तहत तीन दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों पर आधारित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों में संविधान के आदर्शों, नैतिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिक निर्माण की भावना को मजबूत करना है। कार्यक्रम में शिक्षकों को बताया गया कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों में सामाजिक जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं। प्रशिक्षण के जरिए शिक्षकों को मूल्य आधारित शिक्षा को अपने शिक्षण कार्य में शामिल करने के लिए तैयार किया जा रहा है।


राष्ट्रीय शिक्षा नीति और पाठ्यचर्या के अनुरूप दिया जा रहा प्रशिक्षण

इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 के अनुरूप विद्यालयों में मूल्यपरक शिक्षा को प्रभावी ढंग से लागू करना है। प्रशिक्षण के पहले दिन विशेषज्ञों ने संविधान की प्रस्तावना, मौलिक कर्तव्यों, मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान समूह चर्चा, विभिन्न गतिविधियों और प्रस्तुतीकरण के माध्यम से शिक्षकों को व्यावहारिक जानकारी दी गई, ताकि वे इन मूल्यों को कक्षा शिक्षण में बेहतर तरीके से लागू कर सकें।


शिक्षा का उद्देश्य जिम्मेदार नागरिक तैयार करना: अर्चना गुप्ता

डायट की प्राचार्या अर्चना गुप्ता ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, संवेदनशील और संविधान के प्रति प्रतिबद्ध नागरिक बनाना भी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण शिक्षकों को अपने शिक्षण व्यवहार में मानवीय मूल्यों को शामिल करने का बेहतर अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागी शिक्षकों से प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी करने और यहां प्राप्त ज्ञान को विद्यालय स्तर पर लागू करने का आह्वान किया।


विशेषज्ञों ने साझा किए प्रशिक्षण के महत्वपूर्ण बिंदु

कार्यक्रम में नोडल एवं संदर्भदाता राजेश खन्ना, डॉ. रेनू राइटयस, अर्चना पांडेय, सुमिता और डॉ. अर्चना आर्य सहित अन्य प्रवक्ता मौजूद रहे। विशेषज्ञों ने शिक्षकों को बताया कि बच्चों में मूल्य आधारित सोच विकसित करने के लिए शिक्षक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने विद्यालयों में संवैधानिक और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करने का संकल्प लिया।

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