ग्रेटर नोएडा के उद्योग विहार एक्सटेंशन में शुरू हुआ डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्शन, अन्य औद्योगिक सेक्टरों में भी होगी शुरुआत
- Shiv Kumar
- 21 Jul, 2026
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उद्योग विहार एक्सटेंशन, इकोटेक-2 औद्योगिक क्षेत्र में डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्शन सेवा शुरू कर दी है। इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) की लंबे समय से चली आ रही मांग पर प्राधिकरण ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार से इस सुविधा का संचालन शुरू करा दिया। उद्यमियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे औद्योगिक क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था सुधारने की दिशा में अहम कदम बताया है।
इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन की मांग पर हुई त्वरित कार्रवाई
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्शन की शुरुआत कराई। उनके निर्देश पर एजीएम आरडी पांडेय, वरिष्ठ प्रबंधक (स्वास्थ्य) चेतराम सिंह, स्वास्थ्य विभाग और वर्क सर्किल की टीम ने आईबीए अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय, कोषाध्यक्ष राकेश अग्रवाल, वरिष्ठ उद्यमी चंचल कुमार, जेड रहमान समेत अन्य उद्यमियों की मौजूदगी में सेवा का शुभारंभ किया। इससे पहले इकोटेक-3 में भी यह सुविधा शुरू की जा चुकी है।
इकोटेक-2 को आदर्श औद्योगिक क्षेत्र बनाने की तैयारी
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण शुरू करने के साथ ही प्राधिकरण की टीम ने उद्योग विहार एक्सटेंशन, इकोटेक-2 का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान सफाई, कूड़ा निस्तारण और ड्रेनेज व्यवस्था को एक सप्ताह के भीतर बेहतर करने का आश्वासन दिया गया। इसके अलावा सड़क सुधार, अतिक्रमण हटाने, पौधरोपण, ग्रीन बेल्ट विकसित करने, स्ट्रीट लाइट, श्रमिक सुविधा केंद्र और सार्वजनिक शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई। प्राधिकरण ने इस क्षेत्र को आदर्श औद्योगिक सेक्टर के रूप में विकसित करने का लक्ष्य तय किया है।
अन्य औद्योगिक सेक्टरों में भी जल्द शुरू होगी सुविधा
आईबीए अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय ने उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सीईओ एनजी रवि कुमार, एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस और पूरी प्राधिकरण टीम का आभार जताया। वहीं एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से ग्रेटर नोएडा के अन्य औद्योगिक सेक्टरों में भी डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्शन सेवा शुरू की जाएगी, ताकि सभी औद्योगिक क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।
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