फायर सेफ्टी में लापरवाही पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का बड़ा एक्शन, 13 संस्थानों की हुई जांच, 5 कोचिंग सेंटर सील

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ग्रेटर नोएडा में फायर सेफ्टी जांच अभियान के दौरान 13 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया। अग्निशमन उपकरण नहीं मिलने पर पांच कोचिंग सेंटर सील कर दिए गए। जिन संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था का काम जारी है, उन्हें निर्धारित समय में मानक पूरे करने के निर्देश दिए गए।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग ने कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी मानकों की जांच के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। संयुक्त टीम ने अल्फा कमर्शियल बेल्ट स्थित ट्रेडेक्स टावर-1 और ओम टावर में संचालित 13 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पांच संस्थानों में अग्निशमन उपकरण नहीं मिलने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।


इन कोचिंग संस्थानों पर हुई कार्रवाई

जांच में ट्यूटोरिक्स ट्यूशन सेंटर, एनविक इंफोटेक, इनकैप सेंटर, मैरिट एजुकेशन और पेंडुलम एडू क्लासेज में फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन संस्थानों को पहले ही सुधार के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि के बाद भी आवश्यक अग्निशमन उपकरण नहीं लगाए गए। इसके चलते इन सभी संस्थानों को सील कर दिया गया।


कुछ संस्थानों को मिला अंतिम मौका

संयुक्त टीम में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार निम, प्रबंधक स्वतंत्र वर्मा, सहायक प्रबंधक कुलदीप शर्मा और फायर सेफ्टी ऑफिसर अजय कुमार अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान कुछ कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी उपकरण लगाने का कार्य 80 से 90 प्रतिशत तक पूरा मिला। ऐसे संस्थानों को शेष कार्य पूरा करने के लिए दो से तीन दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। वहीं जिन संस्थानों की पहली बार जांच हुई, उन्हें भी निर्धारित समय सीमा के भीतर सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए।


लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद जिलेभर के कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी जांच अभियान चलाया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने सभी कोचिंग संचालकों से जल्द से जल्द अग्निशमन उपकरण स्थापित करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी सीलिंग समेत कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

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