नोएडा में STF ने चीनी नागरिक के हवाला नेटवर्क का किया भंडाफोड़, फर्जी आधार पर 6 साल से रह रहा था, 3 गिरफ्तार

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नोएडा में एसटीएफ ने अंतरराष्ट्रीय हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का खुलासा करते हुए एक चीनी नागरिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में शेल कंपनियां, संदिग्ध वित्तीय लेनदेन, कथित फर्जी आधार कार्ड और वीजा उल्लंघन से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं।

उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नोएडा में संचालित एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का खुलासा करते हुए एक चीनी नागरिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला है कि चीनी नागरिक लियाओ लॉन्गहुई कथित तौर पर वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी कई वर्षों से भारत में अवैध रूप से रह रहा था। उस पर शेल कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप है।


मोबाइल कवर के कारोबार की आड़ में चल रहा था नेटवर्क

एसटीएफ के अनुसार, सेक्टर-83 स्थित YTL Manufacturing Pvt. Ltd. नामक कंपनी जांच के दायरे में आई। कंपनी मोबाइल फोन कवर बनाने का कारोबार करती थी। पूछताछ के लिए चीनी नागरिक लियाओ लॉन्गहुई और उसके दो भारतीय सहयोगियों संजीव कुमार तथा कौशलेन्द्र को बुलाया गया। दस्तावेजों की जांच में अनियमितताएं मिलने के बाद सेक्टर-93 स्थित फ्लैट की तलाशी ली गई, जहां से शेल कंपनियों के दस्तावेज, विभिन्न बैंकों की चेकबुक, कथित फर्जी आधार कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बरामद किए गए।


कई शेल कंपनियों के जरिए संदिग्ध लेनदेन

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि लियाओ वर्ष 2018 में भारत आया था और कंपनी का संचालन संभाल रहा था। एसटीएफ का आरोप है कि चीन से कच्चा माल आयात कर तैयार उत्पाद की बिक्री के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के जरिए रकम बाहर भेजी जाती थी। जांच में कर्मचारियों और ड्राइवर के नाम पर कई शेल कंपनियां बनाए जाने की बात भी सामने आई है। एजेंसियां इन कंपनियों और उनसे जुड़े बैंक खातों की जांच कर रही हैं।


फर्जी पहचान पत्र और चार्टर्ड अकाउंटेंट की भूमिका की जांच

एसटीएफ के मुताबिक, गिरफ्तार संजीव कुमार पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट है। उस पर शेल कंपनियां बनाने और बैंक खाते खुलवाने में सहयोग करने का आरोप है। वहीं, चीनी नागरिक के पास से उसके फोटो वाला एक कथित फर्जी आधार कार्ड भी बरामद हुआ है। जांच एजेंसियों का कहना है कि उसका वीजा वर्ष 2020 में समाप्त हो चुका था। फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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