नोएडा में 'ऑपरेशन अपराजेय' को मिली नई गति, दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास के लिए विभागों ने बनाई संयुक्त रणनीति

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नोएडा में पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह की अध्यक्षता में 'ऑपरेशन अपराजेय' पर अंतरविभागीय बैठक हुई। दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा, पुनर्वास और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए संयुक्त कार्ययोजना तैयार की गई।

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट में शुक्रवार को दिव्यांग बच्चों, विशेष रूप से ऑटिज्म और बौद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और पुनर्वास को लेकर महत्वपूर्ण अंतरविभागीय गोष्ठी आयोजित की गई। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विभिन्न सरकारी विभागों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य 'ऑपरेशन अपराजेय (Operation Invictus)' के तहत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों और उनके परिवारों तक सरकारी योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और कानूनी अधिकारों की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना रहा। अधिकारियों ने समन्वित कार्ययोजना तैयार कर बच्चों को सुरक्षित और समावेशी वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया।


सरकारी योजनाओं से जोड़ने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर फोकस

बैठक में ऑपरेशन अपराजेय की प्रगति की समीक्षा करते हुए दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (UDID), दिव्यांग पेंशन, आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और समग्र शिक्षा जैसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र बच्चों तक पहुंचाने पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अलावा अर्ली डायग्नोसिस प्रोग्राम, डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (DEIC) की सेवाओं के विस्तार, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं प्रमाणन शिविर, स्कूलों में दिव्यांग बच्चों के नामांकन और अभिभावकों की समस्याओं के समाधान पर भी विचार किया गया। सुरक्षा के लिए केयरगिवर वेरिफिकेशन, बीट आउटरीच प्रोग्राम और नेबरहुड सिक्योरिटी स्कीम को और प्रभावी बनाने की योजना बनाई गई।


संवेदनशीलता और समन्वय के साथ अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प

गोष्ठी में सभी विभागों से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया। अधिकारियों ने कहा कि ऑपरेशन अपराजेय केवल एक अभियान नहीं, बल्कि दिव्यांग बच्चों के सम्मान, सुरक्षा, अधिकारों के संरक्षण और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल है। गौतमबुद्धनगर पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सभी संबंधित विभागों, विद्यालयों, आरडब्ल्यूए और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से इस अभियान को और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि प्रत्येक पात्र बच्चे और उसके परिवार को समयबद्ध तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

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