नोएडा हाई-राइज सोसाइटी में आग से बचाव: पारस टिएरा अग्निकांड से सीखें फायर सेफ्टी टिप्स
- Shiv Kumar
- 24 Jul, 2026
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लगातार बढ़ रही हाई-राइज सोसाइटियों के बीच फायर सेफ्टी सबसे बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। हाल ही में ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित पारस टिएरा सोसाइटी में लगी आग ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि ऊंची इमारतों में रहने वाले लोग कितने सुरक्षित हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग फ्लैट में लगी और कुछ ही देर में धुआं कई मंजिलों तक फैल गया। राहत की बात रही कि समय रहते फायर विभाग मौके पर पहुंच गया और आग पर काबू पा लिया गया। इस घटना में बड़ा जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इससे यह साफ हो गया कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि हर निवासी को फायर सेफ्टी के बुनियादी नियमों की जानकारी होनी चाहिए। सोसाइटी प्रबंधन को भी नियमित रूप से फायर ऑडिट, मॉक ड्रिल और सुरक्षा उपकरणों की जांच करानी चाहिए। यदि लोग सतर्क रहें और सुरक्षा नियमों का पालन करें तो ऐसे हादसों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
क्या हुआ था पारस टिएरा सोसाइटी में
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पारस टिएरा सोसाइटी में हाल ही में एक फ्लैट में आग लगने की घटना सामने आई। आग लगते ही इमारत में धुआं फैल गया, जिससे कई परिवारों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और समय रहते आग पर काबू पा लिया। प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारणों की जांच की गई और यह भी देखा गया कि फायर सेफ्टी सिस्टम किस तरह काम कर रहा था। इस घटना ने हाई-राइज सोसाइटियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित रखरखाव और समय-समय पर सुरक्षा जांच ऐसे हादसों को रोकने में अहम भूमिका निभाती है।
घटना का पूरा ब्यौरा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में धुआं आसपास के फ्लैटों और कॉमन एरिया तक पहुंच गया। कई लोगों ने तुरंत फायर अलार्म और आपातकालीन सेवाओं की मदद ली। दमकल कर्मियों ने ऊंची इमारत में पहुंचकर आग बुझाई और जरूरत पड़ने पर निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद फायर विभाग ने सुरक्षा उपकरणों और इमारत की व्यवस्था की भी समीक्षा की। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी हाई-राइज बिल्डिंग में फायर सेफ्टी सिस्टम का पूरी तरह कार्यरत रहना बेहद जरूरी है, ताकि आपात स्थिति में नुकसान कम से कम हो।
हाई राइज सोसाइटी में आग लगने के आम कारण
विशेषज्ञों के अनुसार हाई-राइज इमारतों में आग लगने की सबसे बड़ी वजह इलेक्ट्रिकल फॉल्ट, ओवरलोड वायरिंग, गैस रिसाव, एसी यूनिट में खराबी और लापरवाही से इस्तेमाल किए जाने वाले बिजली उपकरण होते हैं। कई बार कॉमन एरिया में रखे ज्वलनशील सामान भी खतरा बढ़ा देते हैं। समय-समय पर वायरिंग की जांच, खराब उपकरणों की मरम्मत और सुरक्षा मानकों का पालन करने से आग लगने की संभावना काफी कम हो सकती है। सोसाइटी प्रबंधन को भी बिजली और फायर सिस्टम का नियमित निरीक्षण कराना चाहिए।
एसी और इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट
गर्मी के मौसम में लगातार चलने वाले एसी, खराब वायरिंग या ओवरलोड सर्किट के कारण शॉर्ट सर्किट की घटनाएं बढ़ जाती हैं। यदि बिजली के तार पुराने हों या उपकरणों की सर्विस समय पर न हो, तो आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एसी की नियमित सर्विस कराएं, अच्छी गुणवत्ता की वायरिंग का उपयोग करें और एक ही सॉकेट पर जरूरत से ज्यादा उपकरण न चलाएं। छोटी-सी सावधानी बड़े हादसे को रोक सकती है।
फ्लैट में जरूरी फायर सेफ्टी इक्विपमेंट
हर फ्लैट में कम से कम एक फायर एक्सटिंग्विशर, स्मोक डिटेक्टर और फायर अलार्म होना चाहिए। रसोई में गैस लीकेज डिटेक्टर भी उपयोगी साबित हो सकता है। इसके अलावा परिवार के सभी सदस्यों को यह पता होना चाहिए कि आग लगने की स्थिति में फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल कैसे किया जाता है। समय-समय पर इन उपकरणों की जांच और सर्विस भी जरूरी है। सुरक्षा उपकरण केवल लगाने से नहीं, बल्कि सही स्थिति में रखने से ही उपयोगी साबित होते हैं।
सोसाइटी में फायर NOC और नियम
हर हाई-राइज सोसाइटी के लिए फायर विभाग के नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। फायर NOC, फायर हाइड्रेंट, स्प्रिंकलर सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर और इमरजेंसी एग्जिट जैसी सुविधाएं सही स्थिति में होनी चाहिए। समय-समय पर फायर ऑडिट और मॉक ड्रिल कराना भी जरूरी है। यदि किसी सोसाइटी में सुरक्षा मानकों की अनदेखी होती है, तो यह आपात स्थिति में बड़ा खतरा बन सकती है। इसलिए निवासी भी समय-समय पर इन व्यवस्थाओं की जानकारी लेते रहें।
RWA की जिम्मेदारी
रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) की जिम्मेदारी केवल रखरखाव तक सीमित नहीं है। उसे फायर सेफ्टी सिस्टम की नियमित जांच, मॉक ड्रिल का आयोजन, सुरक्षा उपकरणों का रखरखाव और निवासियों को जागरूक करने का काम भी करना चाहिए। यदि किसी उपकरण में खराबी हो तो उसे तुरंत ठीक कराया जाना चाहिए। इसके अलावा आपातकालीन संपर्क नंबर और निकासी योजना हर टावर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होनी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर लोग बिना घबराए सही कदम उठा सकें।
आग लगने पर तुरंत क्या करें
यदि फ्लैट या सोसाइटी में आग लग जाए तो सबसे पहले फायर ब्रिगेड को सूचना दें और घबराने की बजाय सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने की कोशिश करें। लिफ्ट का उपयोग बिल्कुल न करें और केवल सीढ़ियों का इस्तेमाल करें। यदि धुआं ज्यादा हो तो मुंह और नाक को गीले कपड़े से ढक लें। बच्चों और बुजुर्गों को पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं। आग छोटी हो और सुरक्षित लगे तभी फायर एक्सटिंग्विशर का उपयोग करें। किसी भी स्थिति में अफवाह फैलाने या भीड़ लगाने से बचें।
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