ग्रेटर नोएडा में बच्चे की मौत मामले में ठेकेदार सुपरवाइजर और टेक्निकल स्टाफ पर प्राधिकरण जीएम ने दर्ज कराया मुकदमा, जताई संवेदना

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ग्रेटर नोएडा के कलाधाम सोसाइटी में खुले बोरवेल गड्ढे में डूबने से छह वर्षीय आव्यान की मौत के मामले में प्राधिकरण ने ठेकेदार, सुपरवाइजर और तकनीकी स्टाफ पर एफआईआर दर्ज कराई है। ठेकेदार गिरफ्तार हो चुका है, जबकि मामले की जांच जारी है।

ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-2 स्थित कलाधाम सोसाइटी में छह वर्षीय मासूम आव्यान की पानी से भरे बोरवेल गड्ढे में डूबने से हुई मौत के मामले में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण के जीएम एके सिंह ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। मामले में ठेकेदार, सुपरवाइजर और तकनीकी स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य जिम्मेदारों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


बिना अनुमति बदली गई जगह, सुरक्षा नियमों की भी अनदेखी

प्राधिकरण के जीएम एके सिंह ने बताया कि कलाधाम सोसाइटी में पानी की समस्या को देखते हुए नॉलेज पार्क-2 क्षेत्र में ट्यूबवेल स्वीकृत किया गया था। मूल योजना के अनुसार ट्यूबवेल सोसाइटी की बाउंड्री के बाहर नाले के पास लगाया जाना था, लेकिन वहां पेड़ होने के कारण उन्हें हटाने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी बीच ठेकेदार और सुपरवाइजर ने कथित तौर पर बिना अनुमति और बिना प्राधिकरण को सूचना दिए ट्यूबवेल की जगह बदलकर सोसाइटी के अंदर काम शुरू कर दिया। बोरिंग के लिए पानी की जरूरत होने पर करीब 15 फीट गहरा गड्ढा खोद दिया गया, जिसमें पानी भर गया। सबसे गंभीर बात यह रही कि मौके पर न तो बैरिकेडिंग की गई और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया।


क्रिकेट खेलते समय गड्ढे में गिरा था मासूम

शनिवार शाम छह वर्षीय आव्यान अपने दोस्तों के साथ सोसाइटी में क्रिकेट खेल रहा था। खेलते-खेलते वह पानी से भरे गड्ढे के पास पहुंच गया, जहां कीचड़ होने के कारण उसका पैर फिसल गया और वह गहरे गड्ढे में गिर गया। साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद बच्चे को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे परिवार और सोसाइटी में शोक का माहौल है।


परिवार और स्थानीय लोगों ने उठाए गंभीर सवाल

आव्यान के पिता शिवान यादव, जो केंद्रीय विद्यालय में वाइस प्रिंसिपल हैं, ने कहा कि अगर गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग या सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो उनके बेटे की जान बच सकती थी। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं, सोसाइटी के लोगों का कहना है कि बिना जानकारी दिए काम शुरू किया गया और सुरक्षा के बुनियादी नियमों की अनदेखी की गई। कई निवासियों ने आरोप लगाया कि आरडब्ल्यूए को भी इस कार्य की जानकारी नहीं दी गई थी।


ठेकेदार गिरफ्तार, जांच जारी

प्राधिकरण ने इस मामले में ठेकेदार मनोज जैन, सुपरवाइजर जॉनी और तकनीकी सुपरवाइजर आकाश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दोनों कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। घटना के बाद गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है और चेतावनी बोर्ड भी लगा दिए गए हैं। प्राधिकरण का कहना है कि मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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