नोएडा में साइबर ठगी का नया जाल: शेयर निवेश और फर्जी ट्रैफिक चालान के बहाने दो लोगों से 26 लाख रुपये की ठगी
- Shiv Kumar
- 28 Jul, 2026
नोएडा में साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ताजा मामलों में दो अलग-अलग घटनाओं में साइबर अपराधियों ने कुल 26 लाख रुपये की ठगी कर ली। एक इंजीनियर को शेयर बाजार में निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 18 लाख रुपये ठग लिए गए, जबकि दूसरे व्यक्ति का मोबाइल फर्जी ट्रैफिक चालान के नाम पर भेजी गई एपीके (APK) फाइल डाउनलोड करवाकर हैक कर लिया गया। इसके बाद उनके बैंक खाते से 8 लाख रुपये निकाल लिए गए। दोनों मामलों में सोमवार रात करीब 8 बजे साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का लालच देकर 18 लाख रुपये हड़पे
साइबर सुरक्षा की डीसीपी शैव्या गोयल के अनुसार, ग्रेटर नोएडा निवासी वीरेंद्र कुमार एक हार्डवेयर कंपनी में इंजीनियर हैं। अप्रैल 2025 में उनके पास व्हाट्सएप के जरिए एक संदेश आया, जिसमें शेयर बाजार में निवेश कर कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का दावा किया गया। ठगों ने उन्हें एक वेबसाइट पर पंजीकरण कराया और शुरुआत में छोटे निवेश पर करीब चार हजार रुपये का लाभ उनके बैंक खाते में भेजकर भरोसा जीत लिया। इसके बाद वीरेंद्र ने अलग-अलग नौ किश्तों में कुल 18 लाख रुपये निवेश कर दिए। जब उन्होंने अपनी रकम वापस निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने अतिरिक्त राशि जमा कराने की मांग की और खाता फ्रीज करने की धमकी दी। पैसे नहीं देने पर ठगों ने संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया।
फर्जी ट्रैफिक चालान की APK फाइल से मोबाइल हुआ हैक
दूसरे मामले में सेक्टर-105 निवासी गिरीश के मोबाइल पर 22 फरवरी 2026 को ट्रैफिक चालान के नाम पर एक एपीके फाइल भेजी गई। चालान समझकर उन्होंने जल्दबाजी में फाइल डाउनलोड कर ली। इसके बाद उनका मोबाइल साइबर अपराधियों के नियंत्रण में चला गया। कुछ ही देर बाद उनके बैंक खाते से 8 लाख रुपये निकाल लिए गए। बैंक से लेनदेन का संदेश मिलने पर उन्हें ठगी का पता चला। इसके बाद उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन और पुलिस से संपर्क किया।
डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच में जुटी पुलिस
दोनों पीड़ितों ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) के साथ-साथ साइबर क्राइम थाने में भी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रांजैक्शन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, एपीके फाइल या निवेश से जुड़े लुभावने ऑफर पर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को दें।
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