गौतमबुद्धनगर दिशा समिति की बैठक में सांसद डॉ. महेश शर्मा सख्त, बोले- हर पात्र तक पहुंचे सरकारी योजनाओं का लाभ

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गौतमबुद्ध नगर में आयोजित 'दिशा' समिति की बैठक में सांसद डॉ. महेश शर्मा ने आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक समयबद्ध पहुंचाने के निर्देश दिए।

गौतमबुद्ध नगर के सांसद एवं जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) के अध्यक्ष डॉ. महेश शर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को 'दिशा' समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं और लोकहित से जुड़े कार्यक्रमों की विभागवार समीक्षा की गई। सांसद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता और 




कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में विधायक तेजपाल नागर, विधायक धीरेंद्र सिंह, एमएलसी श्रीचंद शर्मा, एमएलसी नरेंद्र भाटी, जिला पंचायत प्रशासक अमित कुमार, नगर पालिका अध्यक्ष गीता पंडित, जिलाधिकारी मेधा रूपम, नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव, मुख्य विकास अधिकारी भालचंद्र त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।




आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि योजनाओं की समीक्षा

बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत योजना, शिक्षा का अधिकार (RTE), सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, पशु चिकित्सा, उद्यान और कृषि विभाग सहित कई योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। सांसद ने लंबित कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।




जल संरक्षण और ग्रामीण विकास पर विशेष जोर

डॉ. महेश शर्मा ने बारिश के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को सभी तालाबों की समयबद्ध सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तालाबों की जलधारण क्षमता बढ़ने से जलभराव की समस्या कम होगी और भूजल स्तर में भी सुधार आएगा। साथ ही वर्षा जल संचयन और डोर-टू-डोर कूड़ा निस्तारण जैसी योजनाओं को भी प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया।


बाल संरक्षण और आरटीई पर दिए निर्देश

बैठक में बाल संरक्षण व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए सांसद ने निर्देश दिया कि प्रत्येक तीन माह में बाल संप्रेक्षण गृह का नियमित निरीक्षण किया जाए। वहीं शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत पात्र और वंचित बच्चों का समयबद्ध प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए।


अधिकारियों से पारदर्शिता और जवाबदेही की अपील

सांसद ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ हर पात्र नागरिक तक पहुंचाना है। इसके लिए सभी अधिकारी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। उन्होंने योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया। बैठक के अंत में जिलाधिकारी मेधा रूपम ने आश्वस्त किया कि सांसद द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित किया जाएगा और विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य करेगा।

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