गौतमबुद्ध नगर से शुरू हुआ ‘अगस्त क्रांति अभियान’, करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने अवैध भूजल दोहन और मिलावटखोरी के खिलाफ खोला मोर्चा

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करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने गौतमबुद्ध नगर जिला मुख्यालय से अगस्त क्रांति अभियान की शुरुआत की। संगठन ने भ्रष्टाचार, अवैध भूजल दोहन और मिलावटखोरी के खिलाफ प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।

भ्रष्टाचार, अवैध भूजल दोहन और मिलावटखोरी के खिलाफ करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने शुक्रवार को गौतमबुद्ध नगर जिला मुख्यालय से "अगस्त क्रांति अभियान" की शुरुआत की। अभियान के पहले दिन संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी के नाम दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे गए। संगठन ने विभिन्न विभागों में लंबित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया।


अवैध भूजल दोहन और मिलावटखोरी पर उठाए गंभीर सवाल

संगठन ने आरोप लगाया कि जिले में कई स्थानों पर अवैध भूजल दोहन लगातार जारी है, लेकिन संबंधित विभाग प्रभावी कार्रवाई करने में विफल साबित हो रहे हैं। संगठन ने मांग की कि ऐसे मामलों में शामिल बिल्डरों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा बाजारों में मिलावटी खाद्य पदार्थों की खुलेआम बिक्री पर भी चिंता जताई गई। कार्यकर्ताओं का कहना था कि शिकायतों के बावजूद खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। संगठन ने मांग की कि मिलावटखोरी पर तत्काल प्रभाव से सख्त अभियान चलाया जाए और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाए।


'प्राकृतिक संसाधनों की लूट बर्दाश्त नहीं'

करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की लूट, भ्रष्टाचार और मिलावटखोरी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में शिकायतें देने के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते अब जनआंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कराना है। यदि प्रशासन समय पर कार्रवाई करता है तो आम जनता का भरोसा और मजबूत होगा।


कई जिलों में चलेगा अभियान, मांगें नहीं मानीं तो होगा बड़ा आंदोलन

संगठन ने घोषणा की कि अगस्त माह के दौरान गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़ सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान चलाया जाएगा। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह अभियान केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जनजागरण और जनसंपर्क के माध्यम से लोगों को भी जोड़ा जाएगा। संगठन ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। संगठन ने भ्रष्टाचार, अवैध भूजल दोहन और मिलावटखोरी के खिलाफ आर-पार की लड़ाई जारी रखने का भी ऐलान किया।

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