ग्रेटर नोएडा के बादलपुर-दनकौर कांवड़ मार्ग पर आवारा सांड बने खतरा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर उठे सवाल
- Shiv Kumar
- 07 Aug, 2026
सावन के महीने में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है और हजारों श्रद्धालु हर दिन कांवड़ लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। इसी बीच ग्रेटर नोएडा के बादलपुर-दनकौर कांवड़ मार्ग पर आवारा सांड और गौवंश श्रद्धालुओं के लिए बड़ी परेशानी और खतरे की वजह बने हुए हैं। सड़क के बीचोंबीच सांडों के घूमने और आपस में लड़ने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इससे कांवड़ियों के साथ-साथ आम राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कांवड़ यात्रा के दौरान कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
सड़कों पर भिड़ रहे सांड, बढ़ रहा दुर्घटना का खतरा
बादलपुर-दनकौर मार्ग के अलावा जीटी रोड और आसपास के प्रमुख कांवड़ मार्गों पर भी आवारा सांडों का जमावड़ा देखा जा रहा है। कई बार ये सांड अचानक सड़क के बीच आ जाते हैं और आपस में लड़ने लगते हैं, जिससे यातायात बाधित हो जाता है। श्रद्धालुओं को भी अपनी यात्रा के दौरान काफी सतर्कता बरतनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन और रात दोनों समय यह समस्या बनी रहती है। लगातार बढ़ रही आवाजाही के बीच सड़क पर मौजूद आवारा पशु दुर्घटना का बड़ा कारण बन सकते हैं।
हाल ही में हो चुकी है एक जानलेवा दुर्घटना
स्थानीय लोगों के अनुसार, हाल ही में एक बाइक सवार आवारा सांड से टकरा गया था, जिसमें उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद भी प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु इसी मार्ग से गुजर रहे हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। यदि जल्द ही आवारा पशुओं को सड़कों से नहीं हटाया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग
कांवड़ मार्ग से जुड़े क्षेत्रों के लोगों ने प्रशासन और प्राधिकरण से मांग की है कि आवारा सांडों और गौवंश को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए तत्काल अभियान चलाया जाए। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए कांवड़ मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जानी चाहिए और जहां भी आवारा पशु दिखाई दें, उन्हें तुरंत हटाने की व्यवस्था की जाए। लोगों का मानना है कि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाने से संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है और कांवड़ यात्रा सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सकेगी।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






