ग्रेटर नोएडा में स्ट्रे डॉग को लेकर बढ़ते विवादों पर प्राधिकरण सख्त, 24 सोसाइटियों में बैठक कर निकाला जाएगा स्थायी समाधान
- Shiv Kumar
- 07 Aug, 2026
ग्रेटर नोएडा की सोसाइटियों और सेक्टरों में आवारा कुत्तों को लेकर होने वाले विवादों को खत्म करने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने नई पहल शुरू की है। आए दिन डॉग फीडिंग को लेकर निवासियों और पशु प्रेमियों के बीच विवाद की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई मामलों में विवाद कानूनी लड़ाई तक पहुंच गया। इसी स्थिति को देखते हुए प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार के निर्देश पर अब सभी पक्षों की सहमति से डॉग फीडिंग प्वाइंट तय किए जाएंगे। इसके लिए हर सप्ताह नियमित बैठक आयोजित की जा रही है, ताकि विवाद का स्थायी समाधान निकाला जा सके और सभी पक्षों के हितों का ध्यान रखा जा सके।
हर गुरुवार होगी बैठक, सभी पक्षों को एक मंच पर लाया जाएगा
प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रत्येक गुरुवार बैठक आयोजित की जा रही है। इन बैठकों की अध्यक्षता प्राधिकरण के महाप्रबंधक आर.के. भारती कर रहे हैं। बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, संबंधित थाना प्रभारी, जिला पशु क्रूरता निवारण समिति, प्राधिकरण के पशु चिकित्सक, एचसीएल फाउंडेशन के प्रतिनिधि, अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए), एस्टेट मैनेजर और डॉग फीडर शामिल हो रहे हैं। बैठक का उद्देश्य सभी पक्षों की राय लेकर आपसी सहमति से डॉग फीडिंग प्वाइंट तय करना और लोगों को एनिमल बर्थ कंट्रोल नियमों के प्रति जागरूक करना है।
31 दिसंबर तक 24 सोसाइटियों का शेड्यूल जारी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 31 दिसंबर तक 24 सोसाइटियों के लिए बैठक का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। 23 जुलाई से इस अभियान की शुरुआत हो चुकी है और अब तक सेवियर ग्रीन आर्क, पार्श्वनाथ पैनोरमा और महागुन मायवुड सोसाइटी के साथ बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। अगली बैठक 13 अगस्त को टेकजोन-4 स्थित हिमालया प्राइड सोसाइटी के साथ होगी। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में जेपी ग्रीन्स, येस सिटी, गौर सिटी वन, एटीएस ग्रीन पैराडिसो, अम्रपाली गोल्फ होम, सुपरटेक ईको विलेज-1, पंचशील, श्री राधा स्काई गार्डन और अन्य सोसाइटियों के साथ भी बैठकें आयोजित की जाएंगी।
विवाद कम होने और बेहतर व्यवस्था की उम्मीद
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) श्रीलक्ष्मी वी.एस. ने उम्मीद जताई है कि इस पहल से सोसाइटियों में डॉग फीडिंग को लेकर चल रहे विवाद कम होंगे और निर्धारित स्थानों पर फीडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी। उनका कहना है कि बातचीत और आपसी सहमति के जरिए समाधान निकालना ही सबसे प्रभावी तरीका है। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे लोगों की सुरक्षा भी बनी रहे और पशुओं के प्रति संवेदनशीलता भी कायम रहे।
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