ग्रेटर नोएडा में पुलिस की वर्दी में आए 3 लोगों ने GST कंसल्टेंट को बनाया बंधक, फर्जी एनकाउंटर की धमकी देकर परिवार से मंगवाए 29 लाख
- Shiv Kumar
- 10 Aug, 2026
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक जीएसटी कंसल्टेंट को कथित तौर पर सात घंटे तक बंधक बनाकर 29 लाख रुपये रंगदारी वसूलने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस की वर्दी पहने तीन लोगों ने उसे अगवा किया और फर्जी एनकाउंटर में मारने की धमकी देकर परिवार से 50 लाख रुपये की मांग की। बाद में 29 लाख रुपये मिलने पर उसे छोड़ दिया गया। घटना 20 जुलाई की बताई जा रही है, जबकि मामले में 19 दिन बाद रविवार को बिसरख थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पीड़ित संदीप कुमार के मुताबिक, वह ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एस्पायर सोसायटी के पास से अपनी कार से ऑफिस जा रहे थे, तभी एक एसयूवी ने उनकी कार को ओवरटेक किया। आरोप है कि उसमें से पुलिस की वर्दी पहने तीन लोग उतरे और शिकायत की बात कहकर उन्हें जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया।
सात घंटे तक अलग-अलग जगह घुमाने का आरोप
संदीप कुमार के मुताबिक, आरोपियों ने उन्हें करीब सात घंटे तक अलग-अलग जगहों पर घुमाया। इसके बाद उन्हें यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर टोल से आगे ले जाया गया। पीड़ित का आरोप है कि वहां उन्हें फर्जी एनकाउंटर में मारने की धमकी दी गई और बदले में 50 लाख रुपये की मांग की गई। संदीप ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, जिसके बाद आरोपियों ने उनके दिल्ली निवासी भाई से संपर्क किया।
29 लाख रुपये देने के बाद छोड़ा
पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने उसके भाई से रकम की व्यवस्था करने को कहा। इसके बाद संदीप के भाई अपने कुछ साथियों के साथ ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पहुंचे। वहां कथित तौर पर आरोपियों को 29 लाख रुपये दिए गए। रकम मिलने के बाद संदीप को छोड़ दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि इस पूरी घटना के दौरान उसे लगातार डराया-धमकाया गया और परिवार से रकम मंगवाई गई।
112 पर कॉल कर पुलिस को दी जानकारी
संदीप ने बताया कि घर पहुंचने के बाद उन्होंने 112 नंबर पर कॉल करके पुलिस को घटना की जानकारी दी। इसके बाद संबंधित थाने में भी शिकायत की गई। पीड़ित का दावा है कि मामले में अब तक छह पुलिसकर्मी उनसे पूछताछ कर चुके हैं, लेकिन तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने खुद जेवर टोल और मैकडॉनल्ड्स के पास से सीसीटीवी फुटेज जुटाकर पुलिस को उपलब्ध कराई है। उनका दावा है कि इन फुटेज में आरोपी दिखाई दे रहे हैं।
19 दिन बाद दर्ज हुआ मुकदमा
घटना 20 जुलाई की बताई गई है, जबकि बिसरख थाने में रविवार को यानी करीब 19 दिन बाद मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामले में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई एसयूवी, सीसीटीवी फुटेज और घटनाक्रम से जुड़े अन्य साक्ष्यों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
पुलिस बोली- दावों और जांच में कुछ विरोधाभास
बिसरख थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित के दावों और जांच में सामने आए कुछ तथ्यों के बीच विरोधाभास दिखाई दे रहे हैं। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपियों की तलाश में भी जुटी है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






