नोएडा में हिंडन डूब क्षेत्र का होगा कायाकल्प, 29, 315 करोड़ की परियोजना तैयार, 3 फेज में विकास के साथ 10 हजार परिवारों के पुनर्वास का प्लान

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नोएडा में हिंडन नदी के डूब क्षेत्र को व्यवस्थित करने के लिए 29,315 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तावित की गई है। इसमें जमीन खरीद, तटबंध, छह लेन सड़क, नदी में वीयर-कम-फॉल, जमीन विकास और करीब 10 हजार प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का प्रावधान शामिल है।

नोएडा में हिंडन नदी के डूब क्षेत्र को नए सिरे से विकसित करने और व्यवस्थित करने की बड़ी योजना सामने आई है। सोमवार को एक पर्यावरणविद् ने नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने पूरी योजना का प्रस्तुतीकरण किया। प्रस्ताव में डूब क्षेत्र को व्यवस्थित करने के साथ तटबंध, उसके ऊपर छह लेन सड़क, जमीन का विकास, नदी में वीयर-कम-फॉल बनाने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास जैसी व्यवस्थाएं शामिल की गई हैं। पूरी परियोजना पर करीब 29,315 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, नोएडा प्राधिकरण अपने स्तर पर इस योजना को लागू नहीं कर सकता। प्रस्ताव को शासन के सामने रखा जाएगा और वहां चर्चा व मंजूरी मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। योजना में सबसे बड़ा खर्च जमीन खरीद पर प्रस्तावित किया गया है।


जमीन खरीद और विकास पर खर्च होगा बड़ा हिस्सा

प्रस्तावित योजना में हिंडन डूब क्षेत्र की जमीन खरीद के लिए करीब 15,000 करोड़ रुपये का प्रावधान बताया गया है। इसके अलावा मिट्टी भराई के काम पर 380 करोड़, तटबंध के ऊपर छह लेन सड़क बनाने पर 2,425 करोड़ और तटबंध पर पत्थर की पिचिंग के लिए 120 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। नदी में वीयर-कम-फॉल बनाने के लिए 150 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। वहीं करीब 2,413 हेक्टेयर उपलब्ध जमीन के विकास पर 7,240 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस तरह परियोजना में जमीन खरीद और विकास से जुड़े कामों पर ही बड़ी रकम खर्च होगी। प्रस्ताव का मकसद डूब क्षेत्र को व्यवस्थित करने के साथ वहां बुनियादी ढांचे को बेहतर करना बताया गया है।


10 हजार परिवारों के पुनर्वास का भी प्रस्ताव

योजना में डूब क्षेत्र से प्रभावित करीब 10 हजार परिवारों के पुनर्वास को भी शामिल किया गया है। इसके लिए करीब 4,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रस्ताव के मुताबिक, प्रति परिवार 40 लाख रुपये की दर से यह राशि तय की गई है। वहीं जमीन विकास के लिए 2,413 हेक्टेयर क्षेत्र को आधार बनाया गया है और प्रति हेक्टेयर करीब तीन करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है। योजना को तीन चरणों में पूरा करने का खाका तैयार किया गया है। पहले चरण में डीएससी रोड से एक्सप्रेसवे तक का हिस्सा रखा गया है, जिसकी अनुमानित लागत 12,370 करोड़ रुपये है। इसमें करीब 1,000 परिवारों के पुनर्वास के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान है। दूसरे चरण में बिसरख रोड ब्रिज से डीएससी रोड तक का हिस्सा शामिल है, जिसकी लागत 6,449 करोड़ रुपये बताई गई है। तीसरे चरण में एनएच-24 से बिसरख रोड ब्रिज तक का क्षेत्र रखा गया है। इस चरण की अनुमानित लागत 10,496 करोड़ रुपये है और इसमें करीब 5,000 परिवारों के पुनर्वास का प्रस्ताव है।


शासन की मंजूरी के बाद ही आगे बढ़ेगी योजना

प्रस्ताव के मुताबिक, पहले चरण में तटबंध, छह लेन सड़क, पत्थर की पिचिंग, मिट्टी भराई, जमीन विकास और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास जैसे काम शामिल होंगे। दूसरे चरण में भी तटबंध और सड़क निर्माण के साथ संबंधित विकास कार्य किए जाने हैं। तीसरे चरण में जमीन खरीद समेत कई बड़े काम प्रस्तावित हैं। हालांकि, फिलहाल यह योजना प्रस्तुतीकरण और प्रस्ताव के स्तर पर है। नोएडा प्राधिकरण इसे अपने स्तर पर लागू नहीं कर सकता। शासन के सामने प्रस्ताव रखे जाने के बाद ही इसकी दिशा स्पष्ट होगी। मंजूरी मिलने पर आगे विस्तृत प्रक्रिया और काम शुरू करने की स्थिति बन सकेगी।

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