ग्रेटर नोएडा में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर 8-10 किलोमीटर लंबा जाम, तीन दिन से फंसे ट्रक चालक, नहीं मिली जरूरी सुविधाएं

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ग्रेटर नोएडा में कांवड़ यात्रा के चलते भारी वाहनों को रोकने से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर 8 से 10 किलोमीटर लंबी लाइन लग गई। ट्रक चालक तीन से चार दिन से फंसे हैं। उनका आरोप है कि टोल प्रशासन की ओर से शौचालय और खाने-पीने जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं।

कांवड़ यात्रा के चलते ग्रेटर नोएडा में पुलिस प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर लगातार मुस्तैद है, लेकिन दूसरी ओर भारी वाहनों के रोके जाने से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर ट्रक चालकों की परेशानी बढ़ गई है। कासना से दादरी के बीच भारी वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है और बताया जा रहा है कि वाहनों की लाइन करीब 8 से 10 किलोमीटर तक पहुंच गई है। कई ट्रक चालक पिछले तीन से चार दिनों से हाईवे पर फंसे होने की बात कह रहे हैं। चालकों का आरोप है कि लंबे समय से इंतजार के बावजूद टोल प्रशासन की ओर से उनके लिए पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। न शौचालय की समुचित व्यवस्था है और न ही खाने-पीने को लेकर कोई खास इंतजाम दिखाई दे रहा है।


भारी वाहनों को रोके जाने से बढ़ी परेशानी

कांवड़ यात्रा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही के लिए भारी वाहनों को भी ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर रोका गया है। इसके चलते कासना से दादरी की तरफ वाहनों की लंबी कतार बन गई। ट्रक चालकों का कहना है कि शुरुआत में उन्हें लगा था कि कुछ समय बाद रास्ता खोल दिया जाएगा, लेकिन इंतजार लगातार बढ़ता गया। कई वाहन चालक तीन-चार दिन से हाईवे पर खड़े हैं। लंबे समय तक एक ही जगह वाहन खड़ा रहने से उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में दिक्कत हो रही है। चालकों का कहना है कि परिवार से दूर रहकर माल लेकर चलने वाले लोगों के लिए ऐसी स्थिति काफी परेशान करने वाली है।


न शौचालय की सुविधा, न खाने-पीने का इंतजाम

हाईवे पर लंबे समय से फंसे ट्रक चालकों की सबसे बड़ी शिकायत सुविधाओं को लेकर है। उनका आरोप है कि टोल प्रशासन की तरफ से उनके लिए पर्याप्त शौचालय और खाने-पीने की व्यवस्था नहीं की गई है। तेज गर्मी और मौसम की बदलती स्थिति के बीच कई घंटे वाहन में बैठे रहना भी उनके लिए मुश्किल हो रहा है। चालकों का कहना है कि अगर भारी वाहनों को कई दिनों तक रोका जाना है तो कम से कम बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था होनी चाहिए। कई चालक आसपास से पानी और खाने का सामान खरीदकर काम चला रहे हैं। लंबी कतार की वजह से वाहनों को आगे बढ़ने का मौका भी नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ रही है।


बारिश के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षा में जुटी पुलिस

एक तरफ भारी वाहनों की कतार लगी है, वहीं दूसरी ओर कांवड़ मार्गों पर पुलिस और प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर लगातार सक्रिय है। तेज बारिश के बावजूद पुलिसकर्मी जगह-जगह ड्यूटी पर तैनात रहे। श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा करने के साथ फल और पानी देकर उनका स्वागत किया गया। पुलिस की मौजूदगी में बड़ी संख्या में कांवड़िए अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। रात-दिन ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों ने मार्गों पर यातायात और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। श्रद्धालुओं के सुरक्षित शिवालय पहुंचने को लेकर प्रशासन की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है। हालांकि, भारी वाहनों को रोकने से पैदा हुई समस्या के बीच ट्रक चालकों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी सामने आई है।

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