GST अधिकारी बनकर गाड़ी रोकी, जेल भेजने की धमकी देकर 29 लाख वसूले, नोएडा में गिरोह का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार

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ग्रेटर नोएडा में जीएसटी अधिकारी बनकर 29 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। बिसरख पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर 24.50 लाख रुपये नकद, जेवर, दो कारें, मोबाइल फोन और पुलिस से जुड़ी वर्दियां बरामद की हैं।

ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र में जीएसटी अधिकारी बनकर 29 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह के सदस्यों ने एक जीएसटी सलाहकार को दो फर्मों के नाम और फर्जी ई-वे बिल सत्यापन का हवाला देकर निशाना बनाया। आरोपियों ने रास्ते में उसकी गाड़ी रोककर खुद को जीएसटी अधिकारी बताया और कार्रवाई के नाम पर उसे डराया-धमकाया। इसके बाद उससे 29 लाख रुपये नकद वसूल लिए। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 24.50 लाख रुपये नकद, करीब 4.50 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण, वारदात में इस्तेमाल दो कारें और सात मोबाइल फोन बरामद किए हैं।


गाड़ी रोककर खुद को बताया जीएसटी अधिकारी

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने जीएसटी विभाग से जुड़े फर्जी बिलों और ई-वे बिल का हवाला देकर पीड़ित को कार्रवाई का डर दिखाया था। आरोपियों ने उसे बताया कि दो फर्मों से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली है और सत्यापन के नाम पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद रास्ते में उसकी गाड़ी रोक ली गई। खुद को जीएसटी अधिकारी बताकर आरोपियों ने पीड़ित पर दबाव बनाया और जेल भेजने की धमकी दी। डर का माहौल बनाकर उससे 29 लाख रुपये नकद मंगवाए गए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह का मुख्य आरोपी कशिश चौहान उर्फ ईशु पीड़ित को वर्ष 2021 से जानता था। इसी पहचान का फायदा उठाकर उसे निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है।


पुलिस ने नकदी और जेवर समेत कई सामान बरामद किए

बिसरख पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 24 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा करीब 4 लाख 50 हजार रुपये कीमत की सोने की चेन, चांदी का कड़ा और अंगूठी भी मिली है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई एक्सएल-6 और हुंडई वेन्यू कार भी बरामद की हैं। आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन मिले। जांच के दौरान पुलिस को उपनिरीक्षक की वर्दी और दिल्ली पुलिस सिविल डिफेंस की वर्दी भी मिली है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन वर्दियों का इस्तेमाल किन घटनाओं में किया गया और गिरोह ने पहले भी इसी तरीके से किसी अन्य व्यक्ति को निशाना बनाया था या नहीं।


संयुक्त टीम ने की कार्रवाई, गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश

मामले में बिसरख पुलिस के साथ स्वाट टीम, सीडीटी टीम और एंटी सिटी टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। पूछताछ में गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पहले की घटनाओं के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही है। अधिकारियों के मुताबिक, फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को डराने और सरकारी विभागों के नाम का इस्तेमाल कर रकम वसूलने के मामले की जांच जारी है। बरामद मोबाइल फोन और अन्य सामान की जांच से गिरोह के काम करने के तरीके और उसके नेटवर्क के बारे में और जानकारी मिलने की उम्मीद है।

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