नोएडा में बारिश के बीच जर्जर मकानों को लेकर बड़ा अलर्ट, 378 लोगों को नोटिस, 128 मकान खाली कराने के निर्देश, कभी भी हो सकता हादसा
- Shiv Kumar
- 12 Aug, 2026
नोएडा प्राधिकरण ने शहर के अलग-अलग सेक्टरों में जर्जर फ्लैट और नालियों पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राधिकरण की ओर से करीब 378 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित मकानों और संपत्तियों के सामने नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं। कार्रवाई में फ्लैट के साथ भूखंड मालिक भी शामिल हैं। सेक्टर-31 के सी ब्लॉक में 128 जनता फ्लैट जर्जर हालत में पाए गए हैं। इन फ्लैटों को पहले ही अगस्त 2025 में जर्जर घोषित किया जा चुका है। अब इन्हें खाली कराने के लिए संबंधित लोगों को नोटिस दिए गए हैं। दूसरी ओर सेक्टर-14, 15 और 19 में नालियों के ऊपर बनाए गए रैंप, स्लैब और अन्य निर्माण को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
सेक्टर-31 में 128 जनता फ्लैट जर्जर घोषित
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, सेक्टर-31 के सी ब्लॉक में स्थित 128 जनता फ्लैटों की हालत काफी खराब हो चुकी है। इन भवनों की समय पर देखरेख नहीं होने और कई जगह नक्शे के विपरीत निर्माण किए जाने के कारण उनकी स्थिति जर्जर हुई है। प्राधिकरण ने अगस्त 2025 में इन फ्लैटों को जर्जर घोषित किया था। अब संबंधित लोगों को नोटिस देकर भवन खाली करने की सलाह दी गई है। नोटिस में कहा गया है कि लोग इन भवनों को तत्काल खाली कर किसी सुरक्षित स्थान पर रहने की व्यवस्था करें, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जर्जर भवनों में रहना लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।
नालियों पर अतिक्रमण से बारिश में बढ़ी परेशानी
प्राधिकरण ने सेक्टर-14, 15 और 19 में नालियों पर किए गए अतिक्रमण को लेकर भी कार्रवाई शुरू की है। बारिश के दौरान इन इलाकों में जलभराव की शिकायतें सामने आने के बाद अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कराया। जांच में कई जगह नालियों के ऊपर घरों की ओर से रैंप, स्लैब और दूसरे निर्माण किए जाने की बात सामने आई। इससे पानी की निकासी प्रभावित हो रही थी और बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा हो रहा था। अब ऐसे लोगों को नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया है। अधिकारियों के अनुसार, निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अतिक्रमण नहीं हटाया तो धारा-10 का नोटिस
प्राधिकरण ने साफ किया है कि नोटिस मिलने के बाद भी अगर संबंधित लोगों ने नालियों से अतिक्रमण नहीं हटाया तो कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। ऐसे मामलों में मौजूदा नोटिस को धारा-10 के नोटिस में बदला जा सकता है। यह नोटिस संबंधित संपत्ति की पत्रावली के साथ जोड़ दिया जाएगा। इसके बाद जब तक यह नोटिस प्रभावी रहेगा, तब तक प्राधिकरण की ओर से संपत्ति से जुड़े किसी भी तरह के काम की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई का मकसद लोगों को परेशान करना नहीं, बल्कि जर्जर भवनों से संभावित खतरा कम करना और नालियों की जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
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