गौतमबुद्ध नगर में यूनिफाइड पॉलिसी लागू; तीनों प्राधिकरणों में संपत्ति खरीदने और बेचने के नियम एक जैसे, जानिए क्या है?

top-news
यूनिफाइड पॉलिसी को लेकर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश यम ने आदेश जारी कर दिया है।

Noida: नोएडा, ग्रेटर-नोएडा और यमुना प्राधिकरण में संपत्ति खरीदने और बेचने के अब एक नियम होंगे। पुरानी नीतियां और आदेश अब निरस्त हो गए हैं। शासन से मंज़ूरी के बाद यूनिफाइड पॉलिसी लागू हो गई है। बिल्डरों के लिए भी मानक तय कर दिया गया है।

नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने जारी किया आदेश

गौरतलब है कि 2 जनवरी को नोएडा- ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा गया था। बोर्ड में संशोधन के बाद शासन को भेजने का फ़ैसला लिया गया था। यूनिफाइड पॉलिसी को लेकर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने आदेश जारी कर दिया है।  इस आदेश में यूनिफाइड पालिसी प्रभावी होने और उसके हिसाब से आगे सभी काम करने के निर्देश विभागों को दिये हैं। यूनिफाइड पालिसी के मुताबिक़ अनुमति योग्य क्रियाएँ, भू उपयोग, बिल्डिंग प्रक्रिया, आवंटन प्रक्रिया, पात्रता, ईएमडी की राशि, रजिस्ट्रेशन की राशि, असफल आवेदकों के मामले, मोड ऑफ़ पेमेंट, नाम परिवर्तन, लीज़ पीरियड समेत कई मामलों में अब नियम एक हो गए हैं।

14 साल पहले शुरू हो गई थी कवायद

गौरतलब है कि 14 वर्ष के इंतजार के बाद तीनों प्राधिकरण की औद्योगिक भूखंड आवंटन नीति एक समान हो गई है। पॉलिसी को एक समान करने का प्रयास वर्ष 2010 में शुरू किया गया था। जिसके तहत तीनों प्राधिकरणों में पात्रता मानदंड, पट्टे की शर्त, किराया संरचना और सभी प्रकार औपचारिकताओं को एक समान करने की योजना बनाई गई थी, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।

35 अध्याय और 104 पेज की नीति 

बता दें कि तीनों प्राधिकरण की औद्योगिक नीति एक समान करने के लिए सार्क एंड एसोसिएट कंपनी ने 35 अध्याय और 104 पेज की नीति तैयार की थी। जिसको ग्रेटर नोएडा के बोर्ड में रखा गया था। मुख्य सचिव ने तीनों प्राधिकरण से अपने सुझाव मांगे थे। उपयुक्त नीति तैयार कर करने के लिए कहा था। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम ने सुझाव को संग्रह कर रिपोर्ट बनाकर मुख्य सचिव को भेज दी थी।
सार्क एंड एसोसिएट्स द्वारा तैयार की गई इस नीति को भूखंड के आकार के अनुसार आंवटन श्रेणी में बांटा गया था। आठ हजार वर्ग मीटर से अधिक के औद्योगिक भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया साक्षात्कार के जरिये करने के लिए कहा गया। आवेदकों की एक स्क्रीनिंग समिति द्वारा जांच, जिसमें मानकों के अनुसार आवंटी को कुल 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना जरूरी। सर्वाधिक योग्य और नंबर प्रतिशत हासिल करने वाले आवेदक को भूखंड आवंटित। यदि वह समय से भूखंड राशि का भुगतान नहीं करता तो उसकी पंजीकरण राशि के साथ आवंटन जब्त कर लिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *