ग्रेटर नोएडा में 5.40 करोड़ की ड्रग्स के साथ दो नाइजीरियाई महिलाएं गिरफ्तार, फ्लैट में चल रहा था खतरनाक नेटवर्क
- Shiv Kumar
- 13 Aug, 2026
ग्रेटर नोएडा में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ मुंबई एटीएस और ग्रेटर नोएडा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता मिली है। टीम ने ओमिक्रॉन सेक्टर स्थित एक फ्लैट से दो नाइजीरियाई महिलाओं को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से करीब 2688 ग्राम मेथामफेटामाइन और ड्रग्स तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला रॉ मैटिरियल बरामद किया गया है। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 5.40 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों महिलाएं पिछले करीब दो महीने से इसी फ्लैट में रह रही थीं। जिस महिला ने फ्लैट किराए पर लिया था, वह फिलहाल फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। कार्रवाई के बाद दोनों गिरफ्तार महिलाओं को ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाया गया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
फ्लैट से 2688 ग्राम मेथामफेटामाइन बरामद
मुंबई एटीएस को ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े इनपुट मिलने के बाद ग्रेटर नोएडा पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई। टीम ने ओमिक्रॉन सेक्टर के संबंधित फ्लैट में छापेमारी कर तलाशी ली। इस दौरान 2688 ग्राम मेथामफेटामाइन बरामद हुई। इसके अलावा ड्रग्स से जुड़ा रॉ मैटिरियल भी जांच टीम के हाथ लगा है। बरामद सामग्री की कीमत करीब 5.40 करोड़ रुपये आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ मिलने के बाद जांच एजेंसियां इसे बड़े ड्रग नेटवर्क से जोड़कर देख रही हैं।
दो महीने से फ्लैट में रह रही थीं महिलाएं
पुलिस की जांच में पता चला है कि गिरफ्तार दोनों नाइजीरियाई महिलाएं करीब दो महीने से इस फ्लैट में रह रही थीं। जिस महिला के नाम से फ्लैट किराए पर लिया गया था, वह कार्रवाई के दौरान मौके पर नहीं मिली और फरार हो गई। अब मुंबई एटीएस और स्थानीय पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फ्लैट का इस्तेमाल सिर्फ ड्रग्स रखने के लिए किया जा रहा था या वहां मादक पदार्थ तैयार करने और आगे सप्लाई करने का काम भी होता था।
ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाई गईं आरोपी
गिरफ्तार दोनों महिलाओं को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाया गया है। वहां एटीएस उनसे पूछताछ कर ड्रग्स नेटवर्क की पूरी कड़ी खंगालेगी। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि मेथामफेटामाइन की सप्लाई कहां से हुई, इसके पीछे कौन लोग हैं और ग्रेटर नोएडा से इसे किन इलाकों में भेजा जाना था। फरार महिला की गिरफ्तारी के बाद मामले में और भी अहम खुलासे होने की उम्मीद है। बड़ी मात्रा में ड्रग्स और रॉ मैटिरियल की बरामदगी के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पुलिस और एटीएस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों और अन्य संभावित कड़ियों की जांच कर रही हैं। एजेंसियों की कोशिश है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके और ड्रग्स की सप्लाई चेन का पता लगाया जा सके। फिलहाल दोनों महिलाओं से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।
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