यमुना-हिंडन के बढ़ते जलस्तर को लेकर नोएडा में अलर्ट, डूब क्षेत्र पर बढ़ाई गई निगरानी, 17 बाढ़ चौकियां बनीं

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नोएडा में यमुना और हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते डूब क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ाने के साथ 17 बाढ़ चौकियां और सात ग्रामीण समितियां तैयार की हैं।

नोएडा। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के बीच यमुना और हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए नोएडा के डूब क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया है। जिला प्रशासन, पुलिस और नोएडा प्राधिकरण की टीमें संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन इस बार पहले से तैयारी करना चाहता है, ताकि जलस्तर बढ़ने पर 2023 और 2025 जैसी स्थिति दोबारा न बने। अधिकारियों की कोशिश है कि जरूरत पड़ने पर डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों और मवेशियों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।


नदियों के किनारे वाले इलाकों में बढ़ी निगरानी

नोएडा में यमुना का करीब 5 हजार हेक्टेयर डूब क्षेत्र है, जहां बारिश के मौसम में हर साल बाढ़ का खतरा बना रहता है। फिलहाल सेक्टर-135 के नगली बाजिदपुर इलाके में यमुना का असर दिखने लगा है। डूब क्षेत्र में चल रही कुछ नर्सरियों में बारिश का पानी भर गया है। जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और वहां मौजूद लोगों को नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना को लेकर सतर्क किया। हिंडन नदी के आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन दोनों नदियों के जलस्तर और आसपास की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। लोगों से भी सावधानी बरतने और खतरा बढ़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।


2023 और 2025 की बाढ़ से प्रशासन ने लिया सबक

पिछले वर्षों में नोएडा के डूब क्षेत्र में बाढ़ ने काफी परेशानी खड़ी की थी। हरियाणा के हथनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद 2023 और 2025 में 24 घंटे से भी कम समय में बाढ़ का पानी कई इलाकों तक पहुंच गया था। करीब 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पानी में डूब गया था और बड़ी संख्या में लोग व मवेशी फंस गए थे। उस दौरान एनडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, पुलिस, नोएडा प्राधिकरण और जिला प्रशासन की टीमें करीब 15 से 20 दिन तक राहत-बचाव में लगी थीं। दो हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया था। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार प्रशासन पहले से सतर्क है।


डूब क्षेत्र में अब भी बड़ी संख्या में निर्माण

डूब क्षेत्र में पक्के निर्माण पर रोक होने के बावजूद यहां एक हजार से ज्यादा फार्म हाउस के अलावा स्टेडियम, स्विमिंग पूल और दूसरे निर्माण मौजूद हैं। पिछले साल अभियान चलाकर 200 से ज्यादा फार्म हाउस ध्वस्त किए गए थे। प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति में मदद के लिए 17 बाढ़ चौकियां और सात ग्रामीण बाढ़ समितियां भी तैयार की हैं। यमुना किनारे सेक्टर-94, 124, 125, 127, 128, 131, 133, 134, 135 और 168 के आसपास खतरा रहता है। वहीं हिंडन के आसपास भी कई क्षेत्र संवेदनशील हैं। जलस्तर बढ़ने पर इन इलाकों में रहने वाले लोगों और मवेशियों को सबसे पहले सुरक्षित करना प्रशासन की प्राथमिकता होगी।

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