यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में बड़े फैसले, 500 एकड़ में मेडिकल हब और 480 एकड़ में यूनिवर्सिटी टाउनशिप, ताइवान सिटी को भी मंजूरी

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यमुना प्राधिकरण की 92वीं बोर्ड बैठक में मेडिकल हब, यूनिवर्सिटी टाउनशिप, ताइवान सिटी और फार्मा क्लस्टर समेत कई परियोजनाओं को मंजूरी मिली। अंतरराष्ट्रीय बस अड्डे और हिंडन पुल की योजना भी स्वीकृत हुई। किसानों से जमीन खरीद की दर बढ़ाने का फैसला लिया गया, जिससे विकास और निवेश को गति मिलने की उम्मीद है।

यमुना प्राधिकरण की 92वीं बोर्ड बैठक में क्षेत्र के विकास, निवेश और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में मेडिकल हब, यूनिवर्सिटी टाउनशिप, अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा, ताइवान सिटी और फार्मा विनिर्माण क्लस्टर जैसी बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इन योजनाओं से आने वाले समय में क्षेत्र में निवेश बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। बैठक में किसानों से भूमि खरीद की दर बढ़ाने का फैसला भी लिया गया। प्राधिकरण के मुताबिक 31 जुलाई 2026 तक उसकी आय 1853.74 करोड़ रुपये पहुंच चुकी है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 90.25 प्रतिशत अधिक है।


मेडिकल हब और यूनिवर्सिटी टाउनशिप से बढ़ेगा निवेश

सेक्टर-13 में 500 एकड़ जमीन पर मेडिकल हब विकसित करने की योजना को मंजूरी मिली है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं के साथ मेडिकल शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देना है। इसके अलावा सेक्टर-14 में 480 एकड़ में यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित की जाएगी। इससे देश और विदेश के बड़े शिक्षण संस्थानों के यहां आने का रास्ता खुल सकता है। वहीं सेक्टर-06 में 300 एकड़ में ताइवान सिटी विकसित करने की योजना है। इसके जरिए इलेक्ट्रॉनिक्स और उच्च तकनीक वाले विनिर्माण क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने की कोशिश होगी। सेक्टर-06 में ही 100 से 125 एकड़ में फार्मा विनिर्माण क्लस्टर बनाया जाएगा, जहां दवा निर्माण की इकाइयां स्थापित की जाएंगी।


एयरपोर्ट कनेक्टिविटी और मेडिकल उपकरण क्षेत्र पर जोर

सेक्टर-23बी में अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा बनाने का फैसला भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके बनने से नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक स्थानीय और क्षेत्रीय सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है। इसके साथ ही मेडिकल डिवाइस पार्क में अंतरराष्ट्रीय स्तर की जांच सुविधा विकसित की जाएगी। इससे भारतीय कंपनियों को चिकित्सा उपकरणों की जांच और प्रमाणन के लिए विदेश जाने की जरूरत कम होगी। समय और लागत दोनों में बचत हो सकती है। यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर हिंडन नदी के ऊपर नया पुल बनाने को भी मंजूरी दी गई है। इससे बारिश के दौरान आवागमन आसान और सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।


किसानों से जमीन खरीद की दरों में हुआ इजाफा

बोर्ड बैठक में किसानों की सहमति से भूमि खरीद की दरों में बढ़ोतरी का भी फैसला लिया गया। अब तक किसानों से जमीन 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से खरीदी जा रही थी, जिसे करीब छह प्रतिशत बढ़ाकर 4558 रुपये प्रति वर्गमीटर करने का निर्णय लिया गया है। वहीं दूसरे विकल्प के तहत 4037 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर के साथ सात प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ भी दिया जाएगा। प्राधिकरण की ओर से लिए गए इन फैसलों को क्षेत्र में विकास की रफ्तार बढ़ाने और निवेश का नया माहौल तैयार करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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